रेलवे ने सप्ताह में तीन दिन चलने वाली इंदौर-रीवा एक्सप्रेस को पूरी तरह रात्रिकालीन ट्रेन के रूप में चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। अभी यह सुबह 4.10 बजे इंदौर से रवाना होती है और रात 10.20 बजे रीवा पहुंचती है। वापसी में सुबह 5 बजे रीवा से चलकर यह ट्रेन रात 8.20 बजे इंदौर पहुंचती है .। रेलवे ने इंदौर से सराय रोहिल्ला (नई दिल्ली) के बीच चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस की रफ्तार बढ़ाकर ट्रेन का यात्रा समय घटाने की तैयारी भी शुरू कर दी है।

लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के सुझाव पर रेलवे बोर्ड ने दोनों अहम बदलावों के लिए संबंधित रेलवे जोन को तैयारी करने के साथ ही नया टाइम टेबल बनाने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि दो महीने में इस बारे में कोई ठोस फैसला ले लिया जाएगा। रीवा एक्सप्रेस को जब शुरू किया गया था, तभी से मांग उठ रही है कि इस ट्रेन का समय यात्रियों के लिहाज से सुविधाजनक नहीं है।

करीब 809 किलोमीटर लंबा सफर करने वाली गाड़ी में बैठकर कोई भी इंदौर से रीवा या रीवा से इंदौर आने के लिए दिनभर खराब नहीं करेगा। वर्तमान में यदि ट्रेन समय पर भी चले तो उसे इंदौर से रीवा जाने में 18 घंटे से ज्यादा और रीवा से इंदौर आने में 15 घंटे से ज्यादा का समय लगता है। रीवा एक्सप्रेस में अभी केवल सीटिंग कोच हैं। इससे इतना लंबा सफर यात्रियों को बैठे-बैठे करना पड़ता है।

ट्रेन के रीवा जाने का रूट भी उपयोगी है क्योंकि यह विदिशा, बीना, सागर, दमोह, कटनी और सतना होकर गुजरती है। इन क्षेत्रों में आने-जाने के लिए इंदौर से बहुत सीमित विकल्प हैं। उक्त ट्रेन पश्चिम-मध्य रेलवे द्वारा संचालित की जाती है और वह भी इसके लिए तैयार है। नई सुविधा मिलने से इसमें स्लीपर और थर्ड एसी कोच लगाए जा सकेंगे। संभव है ट्रेन का यात्रा समय (रनिंग टाइम) भी कम हो जाए।

शाम को चलेगी रीवा एक्सप्रेस

रेलवे बोर्ड पैसेंजर एमिनिटीज कमेटी के सदस्य नागेश नामजोशी ने बताया कि लोकसभा स्पीकर महाजन के निर्देश पर रेलवे बोर्ड के अधिकारियों से रीवा एक्सप्रेस को रात्रिकालीन ट्रेन बनाने और दिल्ली इंटरसिटी की रफ्तार बढ़ाने के लिए बात हुई है। बोर्ड ने सैद्धांतिक रूप से स्पीकर के सुझाव मान लिए हैं।

संभावना है कि नए टाइम-टेबल के हिसाब से रीवा एक्सप्रेस दोनों दिशाओं में रात सात से साढ़े सात बजे के आसपास रवाना होगी और अगले दिन सुबह करीब 10 बजे तक गंतव्य तक पहुंचेगी। एलएचबी रैक से चल रही दिल्ली इंटरसिटी नागदा-दिल्ली सेक्शन में 130 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से दौड़ सकती है।

उम्मीद है कि स्पीड बढ़ने से ट्रेन वर्तमान की तुलना में एक से डेढ़ घंटा जल्दी गंतव्य तक पहुंच सकेगी। इंदौर-नागदा सेक्शन में कोई भी ट्रेन 100 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा की रफ्तार से नहीं चलाई जा सकती है।