रीवा। विंध्य की उबड़-खाबड़ मैदान में बचपन में क्रिकेट खेलने वाले धीरेन्द्र 8 अक्टूबर से इंदौर में शुरू होने जा रहे भारत-न्यूजीलैंड के तीसरे मैच में स्कोरर की भूमिका अदा करेंगे। इनको मैन्युअल सीट पर स्कोरिंग करने का काम सौंपा गया है। विंध्य की राजधानी रहे रीवा की इकलौती एपीएस यूनिवर्सिटी के पूर्व कप्तान धीरेन्द्र सिंह चौहान को 2012 में ही बीसीसीआई ने अपने पैनल में शामिल किया था। जिन्हें इंटरनेशनल मैच में पहला अवसर आगामी 8 अक्टूबर को मिलने वाला है।

मध्यम वर्गीय परिवार से रखते हैं तल्लुक

धीरेन्द्र मध्यम वर्गीय परिवार से तल्लुक रखते हैं। इनके पिता का नाम महेन्द्र सिंह चौहान मां का नाम लीला सिंह चौहान है। इनके एक भाई वीरेन्द्र सिंह चौहान भी हैं, जो उन्हें हर कदम पर सहयोग करते हैं। धीरेन्द्र को कक्षा 9वीं की पढ़ाई करते समय क्रिकेट से लगाव हुआ और वह स्टेडियम पहुंच गए। जहां शुरुआती तालीम उनके कोच रहे एरिल एंथोनी व शकील खान ने दी। बाद में कमल श्रीवास्तव के सहयोग से आज धीरेन्द्र ने यह मुकाम हासिल किया। धीरेन्द्र बताते हैं कि रीवा के स्वर्णिम क्रिकेट इतिहास में कमल श्रीवास्तव का बड़ा योगदान रहा है। जब रीवा में खेल के मैदान नहीं हुआ करते थे तब कमल श्रीवास्तव निजी खर्च पर खिलाड़ियों को अलग-अलग फार्मेंट पर खेल खेलने के लिए प्रोत्साहित करते थे।

अब तक के सफर पर नजर

धीरेन्द्र स्कूल के समय से लगातार क्रिकेट खेल रहे थे। एपीएस यूनिवर्सिटी में 2006 से 2012 तक कप्तान रहे। इस अवधि में उन्होंने एपीएस को स्टेट चैम्पियन का खिताब भी दिलाया। बता दें कि एपीएस की स्थापना से लेकर 2010 के बीच में यह पहला खिताब था जो उसे राज्य अंतरविश्वविद्यालय क्रिकेट स्पर्धा में पहली बार मिला था। 2012 में ही बीसीसीआई द्वारा उन्हें टीम में चयनित किया गया। लगातार तीन साल तक स्टेट पैनल एम्पायरिंग भी धीरेन्द्र कर चुके हैं।

हरफनमौला खिलाड़ी है धीरेन्द्र

धीरेन्द्र सिंह एपीएस यूनिवर्सिटी टीम में बतौर आल राउंडर शामिल हुए थे। राइट ऑर्म लेग स्पीनर के तौर पर पहचाने जाने वाले धीरेन्द्र बल्ले से भी कमाल दिखाते हैं। यूनिवर्सिटी की टीम में मैच फिनिशर के रूप में भी जाना जाता है। स्वभाव से शालीन व कम गेंदों में तेजी के साथ रन बनाना उनकी खासियत है। उन्होंने एम्पायरिंग के साथ ही स्कोरिंग भी कई बार किया था। इसके पूर्व उन्होंने देश में होने वाली अलग-अलग फार्मेट की क्रिकेट में भी स्कोरर की भूमिका अदा की है।