वृंदावन के पवनदेव महाराज को रीवा की दो लड़कियों ने पिछले पांच महीनों में इतना परेशान कर दिया कि उन्हें हकीकत जानने खुद मध्यप्रदेश आना पड़ा। यह युवतियां फेसबुक पर लगभग एक दर्जन फेक आईडी बनाकर और वॉट्सएप से लगातार उन्हें मैसेज कर रही थीं। घटना सोमवार को प्रकाश में आई। महाराज पिछले सप्ताह ही रीवा पहुंचे और पुलिस को पूरा घटनाक्रम बताया।

इसके बाद सोमवार को मनगवां पुलिस ने लड़कियों को पकड़ा। इनमें एक 15 वर्षीय विकलांग नाबालिग है, जबकि दूसरी 32 वर्षीय निजी स्कूल की शिक्षक है। हालांकि पकड़े जाने पर माफी मांगने के बाद महाराज ने किसी भी तरह का मामला दर्ज नहीं करवाया। बताया जा रहा है कि महाराज के मामले में जल्द कार्रवाई करने के लिए यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने खुद प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों से बात की।

मंत्री और पुलिस अधिकारी की बेटी बताया

पवनदेव महाराज ने बताया पिछले पांच महीनों से फेसबुक सहित वॉट्सएप पर कई मैसेज आ रहे थे। कभी हमें पाखंडी बताकर मैसेज करते तो कभी शादी करने की बातें कहतीं। कभी-कभी तो मानसिक शांति के लिए रीवा आने का न्यौता तक देती थीं। उन्होंने कई मैसेज में खुद को मंत्री व पुलिस अधिकारी की बेटी भी बताया।

आखिरकार परेशान होकर मैंने खुद ही इनसे मिलकर सच जानने का मन बनाया। इसके बाद मैं रीवा पहुंचा और सबसे पहले इसकी शिकायत पुलिस में की। सोमवार को युवतियों को पकड़ा गया तो उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली। इसलिए मैंने आगे कोई कार्रवाई नहीं करने को मप्र पुलिस को बोला है।

मजाक में शुरू किया खेल

मामला सोशल मीडिया से जुड़ा था, इसलिए सायबर पुलिस ने मामले की पड़ताल की थी। पूछताछ में बताया कि नाबालिग विकलांग लड़की ने यह खेल शुरू किया था, जिसमें बाद में एक महिला टीचर भी जुड़ गई। पूरा खेल सिर्फ मजाक का था। न तो युवतियां महाराज को जानती थीं और न ही महाराज उन्हें। दिन-रात लगातार मैसेज से परेशान होकर महाराज रीवा आए थे। उनके कहने पर मामला दर्ज नहीं किया गया है।

-समरजीत सिंह, टीआई, मनगंवा थाना