कभी रामपुर बघेलान के विधायक, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री तथा बिहार के राज्यपाल रहे स्व. गोविन्द नारायण सिंह के खानदान का एक और नगीना राजनीति में मंत्री पद प्राप्त प्राप्त कर स्थानीय राजनीति में चमक उठा !


गोविन्द नारायण सिंह के सुपुत्र हर्ष सिंह तीन दलों से चार बार विधायक बने और आज उन्हें भारतीय जनता पार्टी की शिवराज सरकार में मंत्री पद से नवाजा गया ! बिहार में राज्यपाल के अधूरे कार्यकाल के बाद गोविन्द नारायण सिंह को कांग्रेस के कद्दावर नेता अर्जुन सिंह के विरोध की वजह से राजनैतिक पराजय का सामना करना पड़ा था ! सन 96 में यदि पी.वी.नरसिम्हाराव की सरकार दुबारा बन जाती तो हो सकता है उनका राजनैतिक पुनर्वास हो जाता पर क्या करते सरकार ही नहीं बनी ! तिवारी कांग्रेस ने उसका सत्यानाश कर दिया और खुद भी शहीद हो गई !

एक समय (सन 1969 में) गोविन्द नारायण सिंह जी ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया और उनकी पार्टी जनसंघ के 78 विधायकों के सहयोग से द्वारका प्रसाद मिश्र के नेतृत्व वाली सरकार को गिरा दिया था और गोविन्द नारायण 19 माह के लिए संविद सरकार के मुख्यमंत्री बने ! उसी दरम्यान सतना ओव्हर ब्रिज का निर्माण हुआ था !

गोविन्द नारायण सिंह जी के दूसरे पुत्रों, सर्वश्री ध्रुब नारायण सिंह और अशोक सिंह ने भी राजनीति में काफी कुछ सफलता प्राप्त की परन्तु अशोक सिंह विधायक का चुनाव नहीं जीत सके और ध्रुब नारायण सिंह भोपाल में जितना कमाए उससे ज्यादा बदनाम हो गए ! इधर, हर्ष सिंह ने भले कांग्रेस से समानता दल और फिर भाजपा तक की यात्रा की हो, मगर उनकी राजनीति का एक स्तर बना रहा है !

गोविन्द नारायण सिंह वाला संलग्न चित्र अपने जमाने का महत्वपूर्ण चित्र है जिसमें गोविन्द नारायण जी तो माइक से मुखातिब हैं जबकि अर्जुन सिंह तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारिका प्रसाद मिश्र जी के कान से सटे बैठे हैं ! गोविन्द नारायण जी के ठीक पीछे शंकर दयाल शर्मा जी बैठे हैं जो बाद में देश के राष्ट्रपति बने ! उनके बगल में चंद्रप्रताप तिवारी हैं जिन्होंने अर्जुन सिंह को विधानसभा चुनाव में पराजित किया था ! इस चित्र में दिख रहे सभी महानुभाव भगवान् को प्यारे हो चुके हैं !

Source ¦¦ निरंजन शर्मा (वरिष्ठ पत्रकार )की फेसबुक वॉल से साभार