.मोहि कपट छल छिद्र न भावा..!! तुलसीदास की अतिश्योक्तियां तो सबने स्वीकार कर ली लेकिन नल नील की प्रतिभा किसी को नहीं दिखी..!!!

Source ¦¦ पत्रकार पंकज पाठक की फेसबुक वाल से साभार