आइंस्टीन कहते थे कि भारतीय दर्शन कोई पारलौकिक दर्शन नहीं है..वह दरअसल दूसरी भाषा में लिखा हुआ बेहद उन्नत विज्ञान है..!!

 

 

 

Source ¦¦ पत्रकार पंकज पाठक की फेसबुक वाल से साभार