शिव की अहैतुकी कृपा से गंगाजल अक्षय है..आधुनिक वैज्ञानिकों का दुर्भाग्य है कि वे इस कृपा को अपने क्षुद्र यंत्रों से नहीं देख पाते...!!!

Source ¦¦ पत्रकार पंकज पाठक ,काशी के सम्मोहन में जकड गए है ,उनके मुंह से अनायास ही शब्द निकल पड़ते है...नमामि का