बरमानघाट। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोमवार को अपनी नर्मदा परिक्रमा के समापन के बाद पहली बार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नर्मदा यात्रा पर टिप्पणी की और कहा कि वह तो सरकारी यात्रा थी।

नर्मदा की वर्तमान स्थिति को लेकर वे बोले कि नदी के बारे में अब गंभीरता से सोचने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से ही मजबूत रही है और हम अपनी गलतियों से ही नहीं जीत पाए। अब समय रहते हमें काम करना होगा। अनुसूचित जाति-जनजाति एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा बदलाव किए जाने के बाद भड़की हिंसा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने इस मुद्दे को असंवेदनशील ढंग से लिया, जिससे ऐसे हालात बने।

वहीं दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता सिंह ने कहा कि मेरे लिए यह आध्यात्मिक और धार्मिक यात्रा रही। मैंने नर्मदा किनारे के समाज और संस्कृति को समझने की कोशिश की।

इधर सांसद कमलनाथ ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि नर्मदा किनारे लगाए छह करोड़ पौधे कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं। वे हेलीकॉप्टर से आए हैं और रास्ते में उन पौधों को ही तलाश रहे थे। उन्होंने मंच से बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिए जाने पर चुटकी ली कि इस साल जो नर्मदा किनारे पौधरोपण होगा, उसके खिलाफ कोई यात्रा निकालेगा तो शायद उसे कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिल जाएगा।

दिग्विजय से सवाल-जवाब

सवाल: जो बाबा सरकार के घोटालों का खुलासा करने वाले थे, उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया आपको क्या लगता है?

दिग्विजय: सरकार के विवेकाधिकार का मामला है। अब उनके अधिकार क्षेत्रों को स्पष्ट करना चाहिए।

सवाल: मुख्यधारा से दूर थे, अब आगे की क्या रणनीति है और किस भूमिका में लौटेंगे?

दिग्विजय: जो पहले करते थे वो करेंगे और भूमिका राहुल गांधी-सोनिया गांधी तय करेंगे।

सवाल: प्रदेश में विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के चेहरे की बात उठती है, आपको क्या लगता है कि चेहरा होना चाहिए?

दिग्विजय: यह सब मैं तय नहीं करता। एआईसीसी और राहुल गांधी तय करते हैं। चेहरा होना चाहिए या नहीं यह राहुल गांधी के विवेक पर है।

सवाल: विधानसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति क्या रहेगी?

दिग्विजय: हमारी कोशिश रहेगी कि सभी नेता एक रहें। टिकट किसी को भी मिले सब मिलजुल कर प्रत्याशी को जिताएं। लोगों में नाराजगी बहुत है और वही तय करते हैं।

सवाल: नर्मदा परिक्रमा के बाद एक और यात्रा करने का आपने कहा था तो कब से शुरू करेंगे?

दि्ग्विजय: राहुल गांधी से चर्चा के बाद ही प्रोग्राम तय करेंगे।

सवाल: कांग्रेस सॉफ्ट हिंदुत्व की ओर लौटकर आ रही है, आपका क्या मानना है।

दिग्विजय: सॉफ्ट हिंदुत्व शब्द राजनीतिक है। यह कोई धार्मिक नहीं है।

सवाल: मप्र में जातीय संघर्ष हुआ है और समाज बंट गया है, इस बारे में आप क्या सोचते हैं?

दिग्विजय: अनुसूचित जाति-जनजाति के साथ कई वर्षों तक अन्याय हुआ है। उनकी भावनाओं पर ज्यूडिशियली और सरकार को संवेदनशीलता से ध्यान देना चाहिए।