जबलपुर। विधानसभा चुनाव 2018 के लिए सरकार हर तबके को लुभाने में जुट गई है। शनिवार को जबलपुर के पनागर में राज्य स्तरीय असंगठित क्षेत्र के श्रमिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कई घोषणाएं कीं। रोटी, कपड़ा, मकान से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य की सुविधा फ्री देने का ऐलान किया। बिजली में बढ़े बिल की झंझट से मुक्ति देते हुए फ्लैट 200 रुपए महीना तय कर दिया। इस योजनाओं से प्रदेश में सीधे तौर पर 1.80 करोड़ श्रमिकों को फायदा देने का दावा किया गया है। सम्मेलन में प्रदेशभर से करीब एक लाख श्रमिक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के करीब पहुंचकर उनका दिल जीतने का प्रयास किया।

51 मिनट तक सिर्फ घोषणा

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राज्य स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में मजदूरों के लिए बोले। उन्होंने कहा देश-प्रदेश बनाने वाले मजदूर यदि पीछे रह गए तो विकास का कोई मतलब नहीं। मेरे लिए मजदूरों की सेवा भगवान की सेवा है। विकास दर चाहे कितनी भी बढ़ जाएं जब तक मजदूरों का विकास के बिना इसके कोई मायने नहीं। मुख्यमंत्री ने करीब 51 मिनट के भाषण में मजदूरों के लिए 17 से ज्यादा घोषणाएं की।

ये रहे मौजूद

प्रभारी एवं वन मंत्री गौरीशंकर शेजवार, लघु एवं सूक्ष्म उद्योग राज्यमंत्री संजय पाठक, चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री शरद जैन, श्रम राज्यमंत्री बालकृष्ण पाटीदार, पनागर विधायक सुशील तिवारी आदि।

ये घोषणाएं

- एक रुपए किलो दाल, चावल, गेहूं देगी सरकार। एक दिन की कमाई में महीने भर का अनाज। महीने के 29 दिन की कमाई मजदूर अन्य जरूरतों पर खर्च करें।

- असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को जमीन का टुकड़ा मिलेगा। शहर में मकान दिया जाएगा।

- 2011 की सूची और उससे बाहर के मजदूरों को भी सरकार मकान देगी। इस काम को तीन साल में सरकार पूरा करेगी।

- श्रमिकों के बच्चों की प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक की पूरी पढ़ाई मुफ्त होगी।

- जबलपुर, इंदौर, भोपाल और ग्वालियर में श्रमिकों के लिए विशेष पब्लिक स्कूल खुलेंगे। जिसमें सिर्फ श्रमिकों के बच्चे पढ़ेंगे। स्कूल का नाम श्रमोदय विद्यालय होगा।

- सरकारी नौकरी के लिये प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कोचिंग क्लास में करवाने का खर्च सरकार देगी।

- श्रमिकों को बीमारी पर उनके इलाज पर होने वाला खर्च सरकार उठाएगी।

- अकुशल से कुशल श्रमिक बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

- मजदूरों को स्वयं का रोजगार खड़ा करने के लिए हर साल एक लाख मजदूरों को सरकार बैंक से लोन दिलवाएगी।

- रिक्शा चलाने वालों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए 30 हजार रुपए अनुदान और 5 साल के ब्याज पर 5 फीसद का अनुदान मिलेगा।

- छोटे मोटे काम करने वाले हर मजदूर को 4 हजार रुपए का अनुदान और शहर काम करने जाने को साइकल मुफ्त मिलेगी।

- प्रसूता को 9 माह स्वास्थ्य केन्द्र में जांच के बाद 4 हजार रुपए पोषण आहार के लिए मिलेंगे।

- प्रसूता का 6 माह बाद रजिस्ट्रेशन होगा। 9वें माह मां बनते ही उसके खाते में सीधे 12500 रुपए सरकार जमा करेगी।

-तेंदूपत्ता, महुआ बीनने वाले मजदूरों को जूते, महिलाओं को साड़ी और पहनने के लिए चप्पल तथा पानी पीने के लिए कुप्पी मुफ्त मिलेगी।

-मजदूरों को अंतिम संस्कार के लिये 5 हजार रुपए नकद राशि दी जाएगी।

-सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपए परिवार को मिलेगी। दुर्घटना में मदद की राशि 4 लाख होगी।

रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी

मप्र सरकार के असंगठित क्षेत्र के श्रमिक विभाग में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में ही रजिस्ट्रेशन करने का ऐलान किया। वेबसाइट लांच हो गई है। 31 मार्च तक प्रदेशभर में मजदूरों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। मजदूरों को गांव में पंचायत, शहर में नगरपालिका, नगर निगम में जाकर स्वघोषित आवेदन देना होगा कि वह मजदूर हैं। मजदूर होने की सरकार ने शर्त रखी है कि वह सरकारी सेवाकर्मी और आयकरदाता न हो।

प्रदेशभर से पहुंचे श्रमिक

सरकार ने श्रमिकों को सम्मेलन में लाने का पूरा इंतजाम किया। सैकड़ों बसों में मजदूरों को प्रदेश भर के जिलों में लाया गया।

पनागर में लगा जमा

पनागर में सम्मलेन में भीड़ का आलम ये रहा कि 11 बजे से सड़कें बंद हो गईं। पुलिस ने मुख्य मार्ग पर आवाजाही बंद कर दी। दूर-दूर तक सड़क पर वाहनों का जाम लग गया। कार्यक्रम खत्म के बाद शाम 4 बजे तक वाहन की आवाजाही दोबारा सामान्य हो पाई।

काम समय पर करूंगा

मुख्यमंत्री लोगों के बीच सुरक्षा घेरे में आए। उनसे संविदा कर्मी मिले। उन्होंने नियमितीकरण की मांग की। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि बाल मुंडवाने और प्रदर्शन करने से मैं कुछ नहीं करूंगा। इस मुद्दे पर विचार कर रहा हूं। 2011 की नीति के आधार पर निर्णय लेने की तैयारी हो रही है।

श्रम पोर्टल लांच

मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में असंठित मजदूरों के लिए श्रम पोर्टल लांच किया। इस दौरान ग्यारह श्रमिकों को प्रतीकात्मक पंजीयन कार्ड बांटे गए।

महिला बेहोश, सीएम बोले, डॉक्टर के पास ले जाएं

मंच से सीएम एक के बाद एक कर मजदूरों के लिए घोषणा कर रहे थे कि इसी दौरान भीड़ में बैठी मजदूर महिला बेहोश हो गई। लोगों ने महिला के आस-पास हुजूम लगा दिया। यह देख सीएम बोले कि तत्काल इन्हें डॉक्टर के पास ले जाया जाए। पनागर तहसीलदार ने तत्काल कर्मचारियों को मौके पर भेजा और महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर के मुताबिक डिहाइड्रेशन की वजह से महिला संध्या केवट, कुशनेर निवासी बेहोश हुई।

पोस्टर फाड़कर सीएम का हेलीकॉप्टर देखा

कार्यक्रम खत्म होते ही सीएम मंच के पास बचे हैलीपेड की ओर रवाना हुए। हैलीपेड पर खड़े हैलिकॉप्टर को देखने के लिए लोगो का हुजूम लग गया। मंच के पास सीएम का पोस्टर लगा था, लोगों ने हैलिकाप्टर देखने के लिए उसे भी फाड दिया। किसी ने पोस्टर फाड़ा तो किसी ने उसे जमीन से उखाड़ फेंका।

पांच किमी तक लगा जाम

श्रमिकों को लेकर आई 100 से ज्यादा बसों से जाम की स्थिति बन गई। पनागर से परियट तक लंबा जाम लगा रहा। हजारों की संख्या में भीड़ सड़कों पर पैदल चल रही थी।

सीएम मंच से उतर आए

सीएम का उद्बोधन खत्म होते ही दर्शकों ने मांग रखने के लिए सीएम को हाथ देते हुए बुलाया। यह देख सीएम मंच से उतरे और भीड़ के बीच आ गए। ज्ञापन देने लोग सीएम के पास उमड़ आए। 20 से 25 संगठनों ने उन्हें ज्ञापन दिया। आंगनबाड़ी में खाना बनाने वाली एक महिला ने एक हजार की जगह हर माह 5 हजार रुपए मानदेय देने की मांग की।