भोपाल ,मध्य प्रदेश के सागर में पार्सल बम से हत्या का अपनी तरह का पहला मामला सामने आया है। गुरुवार को जख्मी हुए रितेश दीक्षित की रविवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं पकड़े गए आरोपी ने पुलिस को खुलासा किया कि वह मृतक रितेश के पिता केके दीक्षित को मारना चाहता था मगर बेटे की मौत हो गई। उधर रितेश के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार में उसकी सगाई की तैयारियां चल रही थी

घर में कुछ ही दिनों में खुशियां आने वाली थी। परिवार रितेश की की सगाई में लगे थे। ऐसे में रितेश के लेटर बम से हत्या होने से घर में कोहराम मच गया है। पुलिस ने रितेश की हत्या के आरोपी हेमंत को अरेस्ट कर लिया है और उस पर धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। 

नौकरी से निकालने का बदला था बम 

पुलिस पूछताछ में आरोपी हेमंत ने बताया कि वह जिले के ही रामपुर पोस्ट ऑफिस में करता था। वहां केके दीक्षित प्रिंसिपल सुपरिटेंडेट थे। हमेंत के मुताबिक, केके दीक्षित ने एक घोटाले में फंसा कर उसे नौकरी से निकाल दिया। वह दीक्षित से बदला लेना चाहता था। 

इंटरनेट से सीखा बम बनाना 
पुलिस के मुताबिक, रेडियो में फिट किए गए बम से गुरुवार को हुए विस्फोट में रितेश दीक्षित बुरी तरह जख्मी हो गए थे। उन्हें सागर से भोपाल इलाज के लिए लाया गया था, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने इंटरनेट के जरिए बम बनाना सीखा था। बम को रेडियो में फिट कर उसने केके दीक्षित के घर 25 जनवरी को भेजा। ब्लास्ट की चपेट में पिता की बजाय बेटा आ गया।