भोपाल। अगर आप बैंक, मोबाइल और पेन कार्ड से अपने आधार कार्ड को जोड़ने जा रहे हैं या फिर जोड़ गया है तो सावधान रहें। शहर में आधार कार्ड से आपका डाटा चोरी कर उसका उपयोग वाहनों के लोन फाइनेंस में किया जा रहा है। जानकारी लगने के बाद आपकी कोई सुनवाई नहीं होगी।

यहां तक पुलिस में एफआईआर कराने के लिए आपको थाने के चक्कर काटने पड़ेंगे, फिर भी कोई नहीं सुने ले इसकी गारंटी नही। ऐसी ही एक धोखाधड़ी शहर के एक व्यापारी के साथ हुई है। व्यापारी को इसकी जानकारी तब मिली जब वे लोन लेने बैंक पहुंचे और बैंक ने डिफाल्टर कहकर लोन देने से मना कर दिया। अब पुलिस भी इस मामले को सुनने को तैयार नहीं है।

मकान नंबर 1379 शंकराचार्य नगर में रहने वाले 34 वर्षीय इंद्रविजय सिंह पिता कुंवर इंद्रपाल सिंह सांची दूध संघ के डिस्टीब्यूटर हैं। वे नवंबर 2017 में एसबीआई बैंक में मकान बनवाने के लिए लोन स्वीकृत कराने पहुंचे। बैंक से मांगे गए दस्तावेज जब उन्होंने उपलब्ध कराए तो बैंक ने बताया कि वह तो डिफाल्डर हैं। उनके द्वारा एलएंडटी (फेमली क्रेडिट) कंपनी ने दो पहिया वाहन का लोन ले रखा है और 11 माह से कोई किश्त जमा नहीं की गई है।

यह सुनते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जब उन्होंने फाइनेंस कंपनी से इस मामले में जानकारी मांगी तो उन्हें भ्रमित किया गया। इसके बाद इंद्रविजय ने किसी तरह लोन से संबंधित दस्तावेज और जानकारी जुटाई तो पता चला कि सुराना मोटर्स कोहेफिजा से किसी ने उनके आधार कार्ड का डाटा चोरी कर क्लोन बनाया और एक एक्टिवा स्कूटर फाइनेंस कराया है। उन्होंने एलएंडटी (फेमली क्रेडिट) कंपनी से फिर बात की पर उनकी बात नहीं सुनी गई। इसके बाद वे शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे।

तीन थानों में शिकायत

इंद्रविजय ने बताया कि धोखाधड़ी और आधार कार्ड के डाटा चोरी की शिकायत करने वे कोहेफिजा थाने पहुंचे, लेकिन फाइनेंस कंपनी एमपी नगर में होने की बात कहकर एमपी नगर भेज दिया। जब एमपी नगर थाने पहुंचे तो मुझे बजरिया थाने यह कहकर भेज दिया कि आधार कार्ड बजरिया थाना क्षेत्र के पते पर बना है। बजरिया थाने में जब पीड़ित ने बैंक फाइनेंस कंपनी और वाहन डीलर्स सुराना मोटर्स की शिकायत की तो पुलिस ने उल्टा पीड़ित को सवाल जबाव कर धमकाना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मी पूछने लगे तुमने फायनेंस कंपनी से कागजात कैस हासिल किए।

थानाप्रभारी बोले- हमारी जानकारी में नहीं है मामला

इस मामले में नवदुनिया संवाददाता ने बजरिया थाना प्रभारी डीपी सिंह से बात की तो उनका कहना है कि यह मामला उनकी जानकारी में नहीं है। इसी तरह का जवाब कोहेफिजा टीआई अनिल वाजपेई ने दिया। उनका कहना है कि पीड़ित को हमारे पास भेज दें, उसकी शिकायत आई होगी, लेकिन फिलहाल मेरी जानकारी में नहीं है। जबकि नवदुनिया के पास थाने के शिकायती आवेदन मौजूद हैं।

डीलर बोला, फाइनेंस कंपनी की गलती

सुराना मोटर्स के मालिक सिदार्थ सुराना ने नवदुनिया को बताया कि मामले में हमारी यहां से कोई गलती नहीं हुई है। इसके लिए जहां से वाहन फाइनेंस हुआ, उसी कंपनी से धोखाधड़ी हुई है। एलएंडटी (फेमली क्रेडिट) कंपनी से बात करने एमपी नगर जोन- 2 में नवदुनिया संवाददाता पहुंचे तो वहां पर सेल्स हेड सतीश स्वाई और क्लेक्शन हेड नवीन ने बात कर जवाब देने के स्थान पर बोला कि उनके यहां पर दो पहिया का फाइनेंस बंद कर दिया गया है और पूरे मामले को एक दूसरे पर टरकाना शुरू कर दिया।