इंदौर। सभ्रांत परिवार की युवतियां, नामी कॉलेज के डॉक्टर और छात्राओं के तार चरस, हेरोइन, अफीम व गांजा तस्करों से जुड़े हुए हैं। कई लोग खुद के लिए मादक पदार्थों की डिमांड करते हैं तो कई कमीशन लेकर सप्लाय कर रहे हैं। यह खुलासा क्राइम ब्रांच की पूछताछ में हुआ है। पुलिस की अलग-अलग टीमें जांच में जुटी हैं।

क्राइम ब्रांच ने दो दिन पूर्व मादक पदार्थों की सप्लाय करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को पकड़ा था। इनसे ब्राउन शुगर की पुड़िया मिली थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह लंबे समय से मादक पदार्थ बेच रहे हैं। उनके ग्राहकों में गली-मोहल्ले के नशेड़ियों के अलावा सांवेर रोड स्थित नामी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर व छात्र भी है। वह कई डॉक्टरों के संपर्क में है। जांच में शामिल अफसरों के मुताबिक आरोपी भंवरकुआं, पलासिया व गीताभवन क्षेत्र के होस्टलों में रहने वाली छात्राओं तक भी नशा पहुंचाते हैं।

सभ्रांत परिवार की युवतियां देती थी कोकिन का ऑर्डर

पुलिस के मुताबिक कई युवक-युवतियां अफीम और कोकिन का उपयोग उत्तेजक दवाओं के रूप में कर रहे हैं। हाल में गिरफ्तार राजू उर्फ बंटी व इजहार उर्फ आयान ने साकेतनगर, बिचौली, संपत फॉर्मस जैसे पॉश इलाकों में रहने वाली युवतियों के नाम बताए थे। एक युवती तो उस वक्त कोकिन के लिए कॉल कर रही थी, जब पुलिस आरोपी से पूछताछ करने में जुटी थी।

मंदिर-मस्जिद के बाहर बिक रहे चरस-गांजा

मल्हारगंज पुलिस गुरुवार को वीर बगीची के पास से आरोपी गजेंद्र प्रजापति, अखिलेश जाट और मंगलेश जोशी व एमजी रोड स्थित हनुमान मंदिर के सामने से मदन उर्फ ओशो व रवि ओटकर को नशा करते हुए पकड़ा। जबकि आरोपी अब्दुल रियाज छीपा बाखल से पकड़ाया। आरोपियों ने बताया कि तस्कर गांजा-चरस मंदिर व मस्जिद के बाहर बेचने आते हैं। पुलिस सप्लायरों की तलाश कर रही है।