भोपाल। आज के दौर में जहां एक सरकारी नौकरी के लिए व्यक्ति दिनरात मेहनत करता है और नौकरी मिलते ही खुद को धन्य समझता है। वहीं राजधानी में एक शख्स ऐसे भी है जो अपने जुनून के लिए अभी तक आईपीएस और नायाब तहसीलदार जैसी 13 नौकरियां छोड़ चुके हैं।

साईं बोर्ड अरेरा कॉलोनी निवासी प्रो. पुरुषोत्तम मेघालय तीन सालों से एमपी नगर स्थित गायत्री शक्तिपीठ में विद्यार्थियों को सिविल सर्विसेस की नि:शुल्क कोचिंग दे रहे हैं। अभी तक वे 30 से अधिक आईएसएस, आईपीएस बना चुके हैं। इसके साथ ही 70 से अधिक छात्रों का चयन MPPSC में हुआ है। मूलत: नीमच निवासी प्रो. मेघालय ने बताया कि उनके पिता स्कूल में प्रिंसिपल थे। आज भी वे गायत्री परिवार के सक्रीय सदस्य हैं। ऐसे में मिडिल क्लास फैमली होने के बावजूद देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा बचपन से ही उनमें था। कई सरकारी विभागों में बड़े पदों पर पदस्थ हुए, लेकिन मन ही नहीं लगा। प्रो. मेघालय अभी तक 100 से अधिक छात्रों के सिविल सर्विसेस में चयनित होने के लिए माध्यम बन चुके हैं।

60 छात्रों से शुरू हुई अब 600 विद्यार्थी लेते हैं कोचिंग

6 नवंबर 2014 को एमपी नगर स्थित गायत्री शक्तिपीठ में प्रो. पुरुषोत्तम मेघालय ने कुल 60 विद्यार्थियों को नि:शुल्क पढ़ाना शुरू किया था। ऐसे में अच्छी शिक्षा मिलने का प्रचार जब सिविल सर्विसेस की तैयार कर रहे बच्चों के बीच हुआ, तो कोचिंग में संख्या बढ़ती गई। वर्तमान में 600 से अधिक विद्यार्थी एक साथ गायत्री शक्तिपीठ में लग रही नि:शुल्क कोचिंग में शिक्षा लेते हैं। हर गुरुवार एवं शुक्रवार को शाम 6:30 से 8:30 बजे तक यहां बच्चों को पढ़ाया जाता। गायत्री शक्तिपीठ में किसी भी धर्म एवं जाति का विद्यार्थी नि:शुल्क कोचिंग ले सकता है।

उद्देश्य- ईमानदार, कुशल एवं राष्ट्रभक्त प्रशासक देना

प्रो. मेघालय का कहना है कि सिविल सर्विसेस की कोचिंग देते वक्त विद्यार्थियों को ईमानदारी एवं राष्ट्रभक्ति के संस्कार भी दिए जाते हैं। कोचिंग में विद्यार्थियों को युग निर्माण के लिए चिंतन एवं सुधार करने, नैतिकबल प्रबल करने एवं समाज के लिए कुछ कर गुजरने की प्रेरणा दी जाती है। यहां विद्यार्थियों को अफसर बनाने के लिए नहीं, बल्कि जीवन को उद्देश्यपूर्ण बनाने की सीख देने पढ़ाया जाता है।

गायत्री परिवार करेगा सम्मान

सैकड़ों विद्यार्थियों को स्वर्णिम भविष्य देने वाले प्रो. पुरुषोत्तम मेघालय को शासन से तमाम पुरस्कार अभी तक मिल चुके हैं। अब 12 जनवरी (विवेकानंद जयंती) पर गायत्री परिवार द्वारा प्रो. मेघालय का सम्मान किया जाएगा। गायत्री परिवार के रमेश नागर ने बताया कि 12 जनवरी को एमपी नगर स्थित गायत्री शक्तिपीठ में सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है।

मेन्स की तैयारी सर ने कराई, डीएसपी के लिए चयन

पिता एमपी पुलिस में हेड कॉस्टेबल हैं, मिडिल क्लास फैमली से हूं इसलिए महंगी कोचिंग में न जाकर गायत्री शक्तिपीठ में मेघालय सर से कोचिंग ली। उन्होंने लेखन शैली का महत्व समझाया एवं मेन्स की तैयारी कराई। पहले ही प्रयास में मेरा चयन डीएसपी के लिए हो गया - अभिषेक गौतम, डीएसपी के लिए चयनित अभ्यार्थी