मध्यप्रदेश  से पी नरहरी शामिल है बेटर इंडिया वेबसाइट की 2017की टॉप टेन सबसे दमदार IAS ऑफिसर्स की लिस्ट में , जिन्होंने बातों से नहीं, बल्कि अपने काम से जनता का दिल जीता लिया…आईएएस-आईपीएसअफसरों की कार्यप्रणाली पर नजर रखने वाली संस्था बेटर इंडिया ने वर्ष 2017 में सामाजिक-प्रशासनिक बदलाव करने वाले 10-10 आईएएस आईपीएस अफसरों के नाम घोषित किए हैं। ये लीक से हटकर काम करने के लिए चर्चित रहे। विश्वव्यापी आतंकवाद को रोकने की दिशा में उत्कृष्ट काम करने वाले मप्र के मनीष शंकर शर्मा आईपीएस अफसरों में टॉप पर हैं।वहीं, आईएएस अफसरों की सूची में लाडली लक्ष्मी के योजनाकार पी. नरहरि पांचवें स्थान पर हैं। आप इसे मूलरूप से पढ़ने के लिए निचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर सकते है

 https://www.thebetterindia.com/125102/inspiring-ias-officers-india-brilliant-initiatives/

ऊंचाइयां इरादों से हासिल होती हैं और इरादे मज़बूत हों तो आकाश भी आपकी मुट्ठी में आ सकता है. अपनी मेहनत, लगन और ईमानदारी से इन अधिकारियों ने समाज को बदलने का बीड़ा उठाया. तमाम ज़िम्मेदारियों के बावजूद इन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए नए तरीके अपनाए, और उन तरीकों ने इन्हें अलग पहचान भी दिलाई.
पी. नरहरी भोपाल में मध्यप्रदेश के जनसंपर्क आयुक्त के रूप में पोस्टेड हैं .मप्रकैडर 2001 बैच के आईएएस अफसर पी. नरहरि को दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिक गर्भवतियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने अस्पतालों में इस वर्ग के लोगों के लिए रेलिंग रैंप लगवाए। मप्र में लाडली लक्ष्मी योजना का कांसेप्ट नरहरि ही लाए थे, जिसे कई राज्यों ने लागू किया। केंद्र इसे ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ से चला रही है। ग्वालियर कलेक्टर रहते उन्होंने ई-हेल्थ ऑफिस स्कीम शुरू की। भ्रूण हत्या रोकने के लिए अभियान भी चलाया। वेबसाइट ने लिखा है कि-

5. परिकिपंदला नरहरि 

मध्यप्रदेश कैडर 2001 बैच के आईएएस अधिकारी पी. नरहरि को हाल ही विकलांगों के लिए उत्कृष्ट कार्य करने के लिए NCPEDP-Mphasis Universal Design Awards 2017 से सम्मानित किया जा चुका है. ग्वालियर में नरहरि के कार्यकाल में स्कूल फ़ीस वृद्धि का मामला चर्चा में रहा, उनके प्रयास से 92 स्कूल संचालकों ने इस साल फ़ीस नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया.

ज़िला कलेक्टर के तौर पर उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया. इनमें बीआरटीएस का चौड़ीकरण, मेट्रो प्रोजेक्ट, खान नदी किनारे से अतिक्रमण हटवाना जैसे कई मुद्दे हैं.