बिलासपुर । एसी प्रथम श्रेणी कोच में यात्रा करने वाले बुजुर्ग, बीमार व महिला यात्रियों के लिए राहतभरी खबर है। अब उन्हें अपर बर्थ में चढ़ने के लिए पहले की तरह परेशानी नहीं होगी। बिलासपुर रेल मंडल ट्रेनों के इस कोच में लकड़ी की सीढ़ियां लगा रहा है। केवल दो सीढ़ी चढ़ने के बाद ही आसानी बर्थ पर जा सकते हैं। बिलासपुर- नागपुर शिवनाथ एक्सप्रेस में इसे लगाने का काम पूरा भी हो गया है। अन्य ट्रेनों में जल्द में भी ही सुविधा मिलने लगेगी।

किसी भी ट्रेनों में पांच श्रेणी के कोच होते हैं। इनमें एसी प्रथम, द्वितीय, तृतीय, स्लीपर व जनरल कोच शामिल हैं। एसी प्रथम श्रेणी में दो तरह के कोच (कूपे) होते हैं। एक कूपे में दो बर्थ और एक और में चार बर्थ की सुविधा रहती है। दोनों में लोवर व अपर बर्थ होती हैं। जिन यात्रियों का रिजर्वेशन लोवर बर्थ में हैं उनके लिए सफर काफी आसान होता है। लेकिन ऐसे यात्री जिन्हें अपर बर्थ मिली है उन यात्रियों को बर्थ में चढ़ने में मशक्कत करनी पड़ती थी। उन्हें लोहे की फोल्िडग सीढ़ियां से चढ़ना पड़ता था।

सामान्य यात्री आसानी से चढ़ भी जाते हैं। लेकिन बुजुर्ग, बीमार, महिला या फिर जिनके हाथ-पैर में दर्द आदि है ऐसे यात्रियों को काफी मुश्किल होती थी। सफर के दौरान यात्री इसकी शिकायत भी करते थे। इन्हीं शिकायतों व अपर बर्थ के यात्रियों की तकलीफ को देखते हुए बिलासपुर रेल मंडल स्तर पर लकड़ी की सीढ़ियों को लगाने का निर्णय लिया गया। कोचिंग डिपो में सीढ़ियां लगाने का काम प्रारंभ हो गया है।

शिवनाथ एक्सप्रेस में प्रथम श्रेणी के एसी कोच में सीढ़ियां लगा दी गईं है। सीढ़ियों में कवर भी लगाया गया है जो बर्थ के कवर के रंग का है। शिवनाथ एक्सप्रेस में यह सुविधा प्रयोग तौर पर लगाई गई थी। अब बिलासपुर रेल मंडल अन्य ट्रेनों के एसी कोच में इसे लगाने की तैयारी में है। इसके तहत छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई। इसके लिए डिपो में सीढ़ियां तैयार की जा रही है।

कूपे में है जगह

रेलवे लकड़ी की सीढ़ी की व्यवस्था केवल फर्स्ट एसी कोच में करने का निर्णय लिया है। इसके पीछे दो कारण है। पहला तो यह कि कूपे में सीढ़ी लगाने के लिए पर्याप्त जगह है। साथ ही कार्नर में होने के कारण इससे यात्रियों को सफर के दौरान जरा भी तकलीफ नहीं होगी।

एसी-1 कोच में लकड़ी की सीढ़ियां लगाई जा रही है। शिवनाथ एक्सप्रेस में लग चुकी है। अन्य ट्रेनों में भी यात्रियों को जल्द यह सुविधा मुहैया कराई जाएगी। सीढ़ियां लगाने के पीछे मुख्य उद्देश्य अपर बर्थ के यात्रियों को होने वाली तकलीक को दूर करना है। श्रीमती दर्शनीता बी अहलूवालिया, सीपीआरओ, दपूमरे जोन