बिलासपुर । सोमवार को विश्व वानिकी दिवस पर स्कूली बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरुक करने के लिए ड्राइंग प्रतियोगिता कराने स्कूली बच्चे नहीं मिले। इससे वन विभाग की ओर से मात्र 6 स्कूली बच्चों के बीच प्रतियोगिता कर औपचारिकता निभाई।

सोमवार को विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर सानिध्य भवन में हुई प्रतियोगिता में शहर के स्कूलों की लंबी सूची होने के बाद भी प्रतियोगिता में मात्र एक ही स्कूल के छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इसमें जूनियर व सीनियर वर्ग में 6 बच्चों ने ड्राइंग के माध्यम से पर्यावरण का संदेश दिया। जूनियर वर्ग के लिए वन एवं जीवन और सीनियर वर्ग के लिए उजड़ते वनों का जीवन पर दुष्प्रभाव विषय में बर्जेस इंग्लिश हायर सेकेंडरी स्कूल के ईको क्लब के 6 बच्चों ने अपनी कला का परिचय दिया। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कुछ स्कूलों में होने वाली वार्षिक परीक्षा की वजह से तो कुछ में छुट्टियां लग जाने से बच्चे नहीं मिल पाए। उनका कहना है कि लगभग 15-20 स्कूलों से संपर्क कर जानकारी दी गई थी, लेकिन वे किन्ही कारणों से प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं बन सके। इसके साथ ही अधिकारियों का कहना है कि कार्यक्रम के एक दिन पूर्व ही संपर्क करने से भी बच्चे नहीं पहुंच सके। इस प्रतियोगिता में शांतनु कोपट, मिल्का मसीह, अर्चित द्विवेदी,शुभोजीत सरकार, आबीर मुखर्जी, रीपका मसीह ने कल्पनाओं के रंग भर कर पर्यारवण बचाने का संदेश दिया। इस अवसर पर उनके साथ ही स्कूल शिक्षिका व ईको क्लब सदस्य प्रीति जोशी व सीमा पटेल भी उपस्थित रहीं।

पेड़ों की रक्षा का लिया संकल्प

प्रतियोगिता के दौरान बच्चों ने पेड़ों की रक्षा का संकल्प भी लिया। उन्होंने कंपनी गार्डन और रिवर व्यू में सुबह 6 से 10 बजे तक स्टॉल लगाकर राहगीरों से पेड़-पौधों की रक्षा के साथ ही कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की। इसके साथ ही उनके हेल्पलाइन नंबर भी दिए गए।

बंटे पंपलेट

विभाग की ओर से पंपलेट भी बांटा गया। इससे लोगों को पेड़ पौधों की सुरक्षा के लिए जागरुक किया गया। इसी कड़ी में सानिध्य भवन में लगे बैलेट बॉक्स में भी लोगों ने अपने सुझाव दिए।

विश्व वानिकी दिवस पर ड्राइंग प्रतियोगिता में स्कूलों में एक्जाम की वजह से अपेक्षा के विपरीत काफी कम बच्चे आए। एक दिन पहले ही स्कूलों में जानकारी देने की वजह से भी उनकी संख्या कम रही।

सुनील कुमार बच्चन, रेंजर, बिलासपुर वन विभाग