बिलासपुर । बिलासपुर यूनिवर्सिटी के प्रश्नपत्रों को हासिल कर कटघोरा का पूर्व छात्र नेता केशव जायसवाल ने बेचने का कारोबार शुरू कर दिया था। उससे प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे और उसके साथ ही डीपी कॉलेज के एक छात्र को भी गिरफ्तार किया गया है। पर्चा बेचने में उसकी मिलीभगत होने की बात कही जा रही है। पुलिस अब इन आरोपियों से पूछताछ कर पर्चा लीक कर उन तक पहुंचाने वाले मुख्य आरोपियों की पतासाजी में जुट गई है।

बिलासपुर यूनिवर्सिटी की मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में पुलिस ने छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का प्रयोग) निवारण अधिनियम 2008 की धारा 4 (8), 5-10 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस अब तक दर्जन भर से अधिक छात्र-छात्राओं से पूछताछ कर चुकी है। इसी कड़ी में पुलिस ने कटघोरा के पूर्व छात्र नेता व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्र केशव जायसवाल व डीपी कॉलेज के कटघोरा निवासी छात्र धनेंद्र डिक्सेना को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों आरोपी प्रश्न पत्र हासिल कर बेचने के लिए सौदा करते थे। इनके द्वारा प्रश्नपत्र बेचे जाने की पुष्टि भी हो गई है। लिहाजा, पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, अब पुलिस डीपी व सीएमडी कॉलेज के छात्रों को पकड़कर पूछताछ कर रही है। इनमें एक छात्र जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ और दूसरा छात्र सारंगढ़ का रहने वाला है। दोनों यहां किराए पर कमरा लेकर रहते थे।

लिहाजा, पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस अफसरों का कहना है कि अभी इस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच के आधार पर प्रश्नपत्र बेचने वाले दो छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही इस मामले में अभी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि इन छात्रों को प्रश्नपत्र कहां से मिला और पर्चा लीक कैसे हुआ।

प्रिंटिंग प्रेस से प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका : बताया जा रहा है कि आरोपी छात्रों को प्रश्नपत्र लीक करने में प्रिंटिंग प्रेस की भूमिका संदिग्ध है। लिहाजा, पुलिस अफसरों ने कुलपति, रजिस्ट्रार व परीक्षा नियंत्रक को तलब कर प्रिंटिंग प्रेस के संबंध में जानकारी ली है। इस दौरान पुलिस अफसरों व यूनिवर्सिटी अफसरों के बीच महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई है। पुलिस अफसरों का कहना है कि उनकी जांच सभी दिशाओं पर चल रही है। जब तक प्रकरण में यह पता नहीं चल जाता कि प्रश्नपत्र कहां से लीक हुआ है। पुलिस परीक्षा से जुड़े सभी लोगों को संदिग्ध मान रही है।

परीक्षा नियंत्रक व अन्य की भूमिका संदिग्ध : परीक्षा जैसे अत्यंत गोपनीय साम्रगी सार्वजनिक होने के बाद से यूनिवर्सिटी प्रबंधन के होश उड़ गए हैं। लिहाजा, कुलपति, रजिस्ट्रार लगातार पुलिस अफसरों के चक्कर काट रहे हैं। उन्हें डर है कि इस कार्रवाई में पुलिस उन्हें न लपेट दे। लेकिन, पुलिस अफसर भी यूनिवर्सिटी की मुख्य परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के लिए परीक्षा नियंत्रक व परीक्षा विभाग के गोपनीय कार्य से जुड़े सभी अधिकारी व कर्मचारियों की भूमिका संदग्धि मान रहे हैं। उनका कहना है कि कहीं न कहीं से लापरवाही होने के कारण ही इतनी बड़ी और गंभीर खामियां सामने आई है।

शहर के दो कॉलेज से जुड़े तार

पुलिस की अभी तक की जांच में डीपी विप्र व सीएमडी कॉलेज के छात्रों का ही नाम सामने आ रहा है। पुलिस के अनुसार प्रश्नपत्र वाट्सएप के जरिए कोरबा, रायगढ़, मुंगेली, कटघोरा, जांजगीर-चांपा जिले तक पहुंचा है। ऐसे में अब तक जितने भी विद्यार्थियों से पूछताछ की गई, उसमें डीपी विप्र व सीएमडी कॉलेज के छात्रों का ही नाम सामने आ रहे हैं। पुलिस जिन छात्रों से पूछताछ कर रही है वह भी डीपी व सीएमडी के ही छात्र हैं।