पापुआ न्यु गुयाना। वानुअटू ने माइक्रोनेशिया को 46-0 के बड़े अंतर से हरा दिया। इस हार के बाद माइक्रोनेशिया ने अपना स्‍तर सुधारने के लिए फीफा से मदद की गुहार की है। पेसिफिक गेम्‍स में माइक्रोनेशिया को पहले फिजी ने 38-0 और ताहिती ने 30-0 से हराया था। इसके मतलब है कि फेडरेटेड स्‍टेट्स ऑफ माइक्रोनेशिया ने ग्रुप चरण के तीन मैचों में 114 गोल खा लिए हैं जबकि उसने एक भी गोल करने में सफलता नहीं प्राप्‍त की है।

माइक्रोनेशिया के कोच स्‍टान फोस्‍टर ने स्‍वीकार करते हुए कहा कि हमारे टीम के लड़के मैदान में विरोधी टीम के आदमियों के साथ खेल रहे थे। उन्‍होंने फीफा से माइक्रोनेशिया को आधिकारिक तौर पर विश्‍व रैंकिंग देने के लिए कहा है ताकि उन्‍हें तकनीकी रूप से मदद मिलना शुरू हो जाए।

फोस्‍टर ने कहा- मुझे उम्‍मीद है कि अगले सप्‍ताह फीफा माइक्रोनेशिया आकर निरीक्षण करेगा और एशिया के साथ हमें जोड़ देंगे। अगर वे ऐसा करते है तो इससे हमे तकनीकी रूप से मदद मिलेगी और जो भी जरूरत लगती है वो पूरी होगी। यह बहुत बड़ा कदम होगा।

200वें नंबर की रैंकिंग पर काबिज वानुअटू ने हाफ टाइम में ही स्‍कोर 24-0 कर दिया था। इसके बाद दूसरे हाफ में टीम ने अपने आक्रमण में कोई कमी नहीं रखी और विशाल अंतर से मुकाबला जीता। वानुअटू के स्‍ट्राइकर जीन कालटाक ने 16 गोल दागे। वह अब तक टूर्नामेंट के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।

कोच ने कहा कि हमारे टीम के खिलाड़ी लड़के है आदमी नहीं। हमारी टीम ने दुनिया की अच्‍छी टीमों के खिलाफ खेला है। मुझे उम्‍मीद है कि हमारे लड़के आठ साल और मेहनत करेंगे।

आयोजको ने वानुअटू की जीत को अंतरराष्‍ट्री फुटबॉल की सबसे बड़ी जीत का तमगा दिया है, हालांकि इसका रिकॉर्ड बुक में जाना न के बराबर ही है क्‍योंकि माइक्रोनेशिया फीफा का सदस्‍य नहीं है और इस टूर्नामेंट में अंडर-23 टीम खेल रही है।

अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर सबसे बड़ी हार अमेरिका सेमोआ के नाम दर्ज है जिसे 2001 में ऑस्‍ट्रेलिया ने 31-0 से हराया था। हालां‍कि सेमोआ ने 2011 में ही तोंगा के खिलाफ जीत दर्ज करके अपने ऊपर लगे दाग को कुछ हद तक कम लिया था।

वहीं माइक्रोनेशिया को पहली जीत का इंतजार है। हालांकि माइक्रोनेशिया के लिए एक खुशखबरी भी है। पेसिफिक गेम्‍स के आयोजकों ने कहा कि चार साल के बाद जब यह टूर्नामेंट होगा तो हम माइक्रोनेशिया का स्‍वागत जरूर करेंगे।

इस पर फोस्‍टर ने कहा कि यह हमारे लिए बड़ी राहत है क्‍योंकि मुझे चिंता थी कि इतनी बड़ी हार के बाद आयोजक हमे इस टूर्नामेंट में दोबारा कभी एंट्री नहीं लेने देंगे।