रायपुर। पूर्व मंत्री व दंतेवाड़ा उपचुनाव के सह संचालक महेश गागड़ा ने दंतेवाड़ा विधानसभा उपचुनाव के दौरान एक के बाद एक वायरल हो रहे ऑडियो के मद्देनजर कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा है। श्री गागड़ा ने कहा कि ये ऑडियो इस बात की तस्दीक करते हैं कि कांग्रेस की लोकतंत्र और जनादेश पर जरा भी आस्था नहीं रही है और वह भय व आतंक के सहारे सत्ता का दुरुपयोग करते हुए चुनाव जीतना चाहती है।
पूर्व मंत्री श्री गागड़ा ने कहा कि वायरल हुए ताजा ऑडियो में जनता कांग्रेस (छ) प्रत्याशी सुजीत कर्मा पर दबाव डालकर नाम वापसी के लिए बाध्य करने की बात सामने आई है। इससे दो दिन पहले ही कांग्रेस प्रत्याशी व पूर्व विधायक देवती कर्मा की बेटी तूलिका कर्मा का मतदाताओं व अधिकारियों को धमकाने वाला ऑडियो वायरल हुआ है जिसमें उन्होंने अपनी मां देवती कर्मा को वोट देने के लिए मतदाताओं और कांग्रेस की मदद करने के लिए अफसरों को धमकाया है। तूलिका ने कांग्रेस को वोट नहीं देने और कांग्रेस की मदद नहीं करने पर नक्सली मामलों में फंसाने की धमकी दी है। श्री गागड़ा ने कहा कि दो दिन के भीतर ही दंतेवाड़ा के जोगी कांग्रेस के प्रत्याशी सुजीत कर्मा पर नामवापसी के लिए तरुण देवांगन द्वारा दबाव डाले जाने की बात सामने आई है। तरुण को कांग्रेस का कार्यकर्ता बताया गया है। सुजीत कर्मा पर देवती कर्मा से रिश्तेदारी के बहाने कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार दबाव डाला जाना लोकतांत्रिक शुचिता को कलंकित करने का कृत्य है। सुजीत कर्मा को प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मोहन मरकाम की ओर से आर्शिल कुरैशी नामक व्यक्ति द्वारा पैसा, पंचायत चुनाव में टिकट और नौकरी की लालच देने की बात भी कही गई है। इसी तरह कुआकोंडा इलाके में भाजपा कार्यकर्ताओं ने साड़ियों से लदा एक वाहन पकड़ा है। ये साड़ियां कांग्रेस मतदाताओं को लुभाने के लिए बंटवाने वाली थी। 
श्री गागड़ा ने कहा कि इस तरह चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करना शर्मनाक और कांग्रेस की राजनीतिक गिरावट का प्रतीक है। उन्होंने सवाल किया कि बड़ी-बड़ी बातें करने वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम क्या अपने राजनीतिक गिरावट पर शर्म महसूस करेंगे? और, उन कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बारे में वे क्या कहेंगे जो दबाव, भय व आतंक के सहारे चुनाव जीतने का नितांत अलोकतांत्रिक और कलंकित अभयान चला रहे हैं? श्री गागड़ा ने इस समूचे प्रकरणों के मद्देनजर चुनाव आयोग को संज्ञान लेकर यथोचित सख्त कार्रवाई करने की मांग भी की है।