रायपुर.  रायपुर नगर निगम (Raipur Municipal Corporation) आर्थिक तंगी (Financial Crisis) से जूझ रहा है. हालात ये है कि नगर निगम ने पिछले दो महीनों से बिजली बिल (Pending Electricity Bill ) का भुगतान नहीं किया है. जानकारी के मुताबिक, नगर निगम के फिल्टर प्लांट का 2 माह में चार करोड़ का बिजली बिल बकाया है. निगनम अधिकारियों ने आर्थिक तंगहाली का हवाला देकर बिल के भुगतान में असमर्थता जताई. निगम प्रशासन ने सीएसईबी के सामने बिजली बिल के भुगतान में असमर्थता जताई है. साथ ही निगम ने राज्य शासन से बिल पे करने के लिए फंड देने का भी आग्रह किया है. बता दें, निगम जनरल फंड से हर माह शहर की स्ट्रीट लाइट की बिजली बिल का भुगतान करता था . इस बार निगम के जनरल फंड में राशि नहीं है, इसलिए ये नौबत बन गई है.

महापौर ने कही ये बात

रायपुर नगर निगम ने बिजली विभाग को बीते 2 महीने से बिजली बिला का भूगतान नहीं किया है. निगनम पर पिछले दो माह में साढ़े छह करोड़ का बिजली बिल बकाया है. नगर निगम के फिल्टर प्लांट का दो माह में चार करोड़ का बिजली बिल बकाया  है. आर्थिक तंगहाली का हवाला देकर वहीं सीएसईबी के समक्ष  निगम के अधिकारियों ने बिजली विभाग (Electricity Department) को बिजली बिल पटाने में असमर्थता भी जताई  है. अधिकारियों ने साथ ही राज्य शासन (State Government) से इसके लिए फंड देने का आग्रह भी किया है.

अभी तक नगर निगम का विद्युत विभाग जनरल फंड से हर माह शहर की स्ट्रीट लाइट की बिजली बिल का भुगतान  करता था लेकिन इस बार जनरल फंड में राशि नहीं होने के कारण ये नौबत आई है. दरअसल, शहर भर में सड़क बत्ती के रूप में 56 हजार लाइटें लगी हुई है. इसके अलावा पावर पंप, बगीचों में लगी लाइट, सुलभ शौचालय में प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराने के एवज में दो माह का 2.5 करोड़ का बिजली बिल निगम पर बकाया है. वहीं इस मसले पर महापौर प्रमोद दुबे का कहना है डिमांड प्रोपर नहीं आ पाया था. ऐसा कभी नहीं हुआ की रायपुर नगर निगम का बिल पेंडिंग रहा हो, कुछ तकनीकि खामियां को कारण गलत बिलिंग की सूचना मिली थी. निमग में घाटा जैसे कोई हालात नहीं है.