नई दिल्ली । मारुति सुजुकी ने कल-पुर्जे बनाने वाली कंपनियों को वाहनों के इलेक्ट्रॉनिक्स तथा कुछ अन्य मुख्य कल-पुर्जे का देश में ही विनिर्माण शुरू करने का सुझाव दिया। मारुति सुजुकी ने कहा कि इसके बाद इन कल-पुर्जों का आयात कम करने में मदद मिलेगी। इससे न सिर्फ मारुति को मदद मिलेगी बल्कि सरकार की मेक इन इंडिया मुहिम को भी समर्थन मिलेगा। कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी केनिचि आयुकावा ने कहा, मैं आपको (कल-पुर्जा उद्योग को) एक चुनौती और एक सुझाव देता हूं। कल-पुर्जों के हिसाब से मारुति सुजुकी के वाहन 90 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी होते हैं। लेकिन कुछ मुख्य कल-पुर्जे तथा इलेक्ट्रॉनिक्स का हमें अभी भी आयात करना पड़ता है। लेकिन हम चाहते हैं कि ये सामान में भारत में निर्मित हों।उन्होंने कहा कि यदि कोई कंपनी गुणवत्ता तथा भरोसे के साथ देश में ही ये सामान बनाने को तैयार होती हैं, तब इससे न सिर्फ मारुति सुजुकी को बल्कि पूरे घरेलू वाहन उद्योग को मदद मिलेगी। आयुकावा ने कहा कि भविष्य में सर्वश्रेष्ठ अवसरों को भुनाने का राज आंतरिक शोध एवं विकास क्षमता में निहित है। उन्होंने कहा,यदि भारत को भविष्य की दुनिया में प्रतिस्पर्धी बनना है,तब मेरा सुझाव है कि आंतरिक शोध एवं विकास क्षमता को विकसित करने की शुरुआत करनी चाहिये, जो एक लंबी प्रक्रिया है तथा धीरे-धीरे परिणाम देती है। हमें धैर्य रखना होगा और प्रतिबद्ध रहना होगा।