छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के माओवादी मोर्चे (Maoist front) पर तैनात सुरक्षा बल के जवानों (Security personnel) को नक्सलियों की गोली (Gun Shot) से ज्यादा घने जंगल में दफन आईईडी (IED) से ज्यादा खतरा रहता है. सुकमा (Sukma) में एक बार फिर नक्सलियों ने जवानों को नुकसान पहुंचे की कोशिश की. फोर्स (Force) को टारगेट करते हुए नक्सलियों ने जगरगुण्ड़ा (Jhargunda) जाने वाले मुख्य रोड पर 10 किलो की आईईडी बम लगा रखा था. सर्चिंग पर निकले सीआरपीएफ (CRPF- Central Reserve Police Force)  74 वीं वाहिनी के जवानों ने आईईडी को खोज निकाला और मौके पर ही ब्लास्ट (Blast) कर डिफयूज (Diffuse) कर दिया गया. इस तरह जवानों ने एक बार फिर नक्सलियों के मंसूबों (Naxalites plan) को नाकाम (Fail) किया है.
सर्चिंग पर निकले जवान थे नक्सली टारगेट पर:
मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार (Saturday) को सीआरपीएफ (CRPF) 74 वीं वाहिनी के जवान रोड सर्चिंग के लिए निकले थे. जगरगुण्ड़ा रोड पर स्थित देवरपल्ली के पास जवानों को सड़क के किनारे कुछ संदिग्ध प्रेशर कुकर (Suspected Pressure Cooker) दिखाई दिया. इसके बाद जवानों ने तालाशी शुरू की तो उसमे आईईडी बम (IED Bomb) होने का संदेह हुआ. जिसके बाद मौके पर बीडीएस (Bomb Disposal Squad) की टीम को बुलाया गया. इलाके की सर्चिंग (Searching) के बाद जवानों 10 किलो का आईईडी बम बरामद की गई. बीडीएस (BDS) की टीम ने जंगल में सफलता पूर्वक बम को डिफ्यूज कर दिया. टीम ने प्रेशर कुकर को सावधानी पूर्वक सड़क से दूर जंगल की और ले गए जहां ब्लास्ट कर आईईडी को नष्ट किया गया. ब्लास्ट की आवाज इतनी ज्यादा थी कि दूर-दूर तक सुनाई दी.
नारायणपुर में भी जवानों को मिली सफलता: 
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर (Narayanpur) जिले के अबूझमाड़ इलाके में सुरक्षाबलों (Security Forces) और नक्सलियों (Naxali) के बीच मुठभेड़ (Encounter) हुई. इस एनकाउंटर में जवानों ने पांच नक्सलियों को मार गिराया है. मुठभेड़ में डीआरजी (DRG-District Reserve Guard) के दो जवान घायल भी हो गए हैं. सूत्रों के अनुसार इसमें कुछ और नक्सलियों के भी मारे जाने और कई के घायल होने की खबर है.