भोपाल । देश के करोडों हिन्दुओं के आस्था का केन्द्र उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर के एक्ट में सुधार करने की तैयारी चल रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में 17 अगस्त को होने वाली बैठक में इस पर बड़ा फैसला हो सकता है। महाकाल मंदिर में जारी वीआईपी कल्चर को सीमित करने का फैसला इस बैठक में लिया जा सकता है। लोक निर्माण व उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री सज्जनसिंह वर्मा ने महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष व कलेक्टर शशांक मिश्र और एसपी सचिन अतुलकर से गोपनीय चर्चा भी की। मंदिर में वीआईपी कल्चर कम करने पर भी विचार का दौर शुरू हो गया है। देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर मंदिर का महाप्रोजेक्ट तैयार करने के साथ ही एक्ट में सुधार को लेकर भी सरकार एक्शन मोड़ में है। मंगलवार को आपकी सरकार आपके द्वार योजना के तहत जिले के ताजपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने आए प्रभारी मंत्री वर्मा ने महाकाल मंदिर के एक्ट में संशोधन को लेकर उठे सवाल पर कहा- 17 अगस्त की बैठक में मंदिर से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। सरकार और आला अफसर एक साथ बैठेंगे और अहम फैसले लेंगे। मंदिर में प्रशासक पद पर पूर्णकालिक अधिकारी की नियुक्ति को लेकर भी कोई फैसला हो सकता है। मंगलवार को प्रभारी मंत्री ने कलेक्टर व एसपी के साथ करीब आधे घंटे तक कई मुद्दों पर चर्चा की। दोपहर में उन्होंने महाकाल सवारी मार्ग का जायजा भी लिया। रामघाट पर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा भी की। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ की बैठक में सरकार कोई बड़ा कदम उठाने जा रही है।
     बैठक में स्मार्ट सिटी के तहत प्रस्तावित योजनाओं का प्रजेंटेशन भी दिया जाएगा। महाकाल मंदिर अधिनियम 1983 में अगर कोई संशोधन हुआ तो यह दूसरा होगा। इसके पहले वर्ष 2000 में संशोधन किया गया था। इसमें महानिर्वाणी अखाड़ा के महंत को प्रबंध समिति का सदस्य बनाया गया था। मंदिर की व्यवस्थाओं का संचालन 1983 के अधिनियम के तहत होता है। इसमें जनप्रतिनिधि के रूप में केवल महापौर ही शामिल है। नए संशोधन में सदस्यों की संख्या बढ़ाने के साथ नियमों में बदलाव भी संभावित है। वर्तमान में मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कलेक्टर हैं। इस बारे में उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का कहना है कि महाकाल मंदिर में काफी भीड़ आने लगी है। श्रावण सोमवार और शाही सवारी में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। वीआईपी अधिक आने से भी व्यवस्था प्रभावित होती है। इस कारण वीआईपी कल्चर को कम करने पर विचार चल रहा है। मंदिर एक्ट में संशोधन का निर्णय 17 अगस्त की बैठक के बाद होगा।