नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल (15 अगस्त) 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छठी बार लाल किले के प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे. भारत के प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का यह पहला स्वतंत्रता दिवस समारोह है. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों से क्या कहेंगे? और उनके भाषण में क्या क्या होगा? इस पर भी की नजरें बनी हुई है. हम आपको बताते हैं कि पीएम मोदी के स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में क्या शामिल हो सकता है. 

बदलते भारत की जरूरत पर नया ऐलान
प्रधानमंत्री के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले स्वतंत्रता दिवस समारोह में पीएम मोदी अगले पांच साल के लिए सरकार के विजन का ऐलान कर सकते है.इस दौरान पीएम मोदी बदलते भारत की जरूरत पर नया ऐलान भी कर सकते है. 

अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर के बाद कश्मीर के माहौल पर बात
नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा अपने दूसरे कार्यकाल में संसद के पहले सत्र में ही जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को लेकर पूरे देश में जश्न का मौहाल है. जम्मू कश्मीर और लद्धाक को अलग अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद राज्य के बाद प्रधानमंत्री देशवासियों को अनुच्छेद 370 और इसके हटने के बाद वहां के माहौल पर भी बात कर सकते है. कश्मीर में 370 हटाए जाने के बाद बौखलाए पाकिस्तान द्वारा भारत को लेकर लगाए गए कई तरह के प्रतिबंधों पर भी पीएम मोदी बात कर सकते है. 


पाकिस्तान को मिलेगा करारा जवाब
पाकिस्तान ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद इस्लामाबाद से भारत के हाई कमिश्नर को वापस भेज दिया है. इसके साथ ही पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापारिक रिश्ते खत्म करते हुए समझौता एक्सप्रेस को भी रोकने का ऐलान किया है. ऐसे में भारत के प्रधानमंत्री पाकिस्तान के इस कदम पर क्या कुछ कहते है यह भी देखने वाली बात होगी. ऐसा माना जा रहा है स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी के भाषण में पाकिस्तान और विदेशी संबंधों पर भी कोई बड़ा ऐलान किया जा सकता है.

संसद सत्र में पारित बिलों पर चर्चा
नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पहले संसद के दौरान ही कई अहम बिल पास हुए है. जिनमें तीन तलाक और जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 जैसे अहम बिल पास किए गए. इस सत्र में राज्यसभा में 39 चर्चाएं हुईं 32 विधेयकों को पारित किया गया. इस सत्र की 35 बैठकों में 32 बिल पास हुए जो पिछले 17 साल की 52 सत्रों में पहली बार हुआ. वहीं लोकसबा की कुल 37 बैठकें हुई हैं और करीब 280 घंटे तक कार्यवाही चली है. इस दौरान जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के संकल्प समेत कुल 36 विधेयक पारित किये गये हैं.

बाढ़ प्रभावित राज्य के लिए ऐलान संभव
बारिश के आते ही देश के कई हिस्सों से बाढ़ की खबरें लगातार आ रही है. देश के कई राज्यों में बाढ़ का कहर जारी है. कुल मिलाकर  9 राज्यों में बाढ़ का असर देखा जा रहा है. अब तक अलग-अलग हादसों में 180 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. केरल, कर्नाटक, उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गोवा सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी है. बाढ़ प्रभावित हिस्सों से जानमाल की बड़ी हानि हुई है. ऐसे में देशवासी पीएम मोदी से उम्मीद कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री बाढ़ प्रभावित राज्यों की मदद के लिए कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं. 

एनआरसी को लेकर सरकार की तैयारी
इसके अलावा पीएम मोदी असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर सरकार की तैयारी पर भी बात कर सकते है. 31 अगस्त को इसके फाइनल आंकड़े जारी किए जाने है. असम में एनआरसी का फाइनल ड्राफ्ट गत 30 जुलाई 2018 को जारी हुआ था जिसमें करीब 40 लाख लोग बाहर रह गए थे. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया था कि दावा पेश करते समय व्यक्ति दस दस्तावेजों में से किसी एक या उससे ज्यादा को आधार बना सकता है. 

इसके अलावा पीएम मोदी स्वतंत्रता दिवस भाषण में अर्थव्यवस्था, बेरोज़गारी के लिए योजना और महिलाओं के लिए सरकार की तैयारी भी शामिल हो सकती है.