रायपुर: यह कहानी है कभी नक्सली कमांडर रहे वेट्टी रामा की जो इन दिनों पुलिस के साथ काम रहा रहा है और उसकी बड़ी बहन वेट्टी कन्नी जो नक्सली संगठन में काम कर रही है. बीते दिनों एक मुठभेड़ में दोनो आमने-सामने हो गए थे. वेट्टी रामा पुलिस के साथ और उसकी बहन नक्सलियों के साथ थी. दोनों का आमना-सामना हुआ लेकिन इस बीच दोनो और से फायरिंग होनी शुरू हो गई. अंधाधुन फायरिंग के बीच नक्सली वहां से भाग गए. ऐसा नहीं है कि वेट्टी रामा ने बहन को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश नहीं की गई बार पत्र लिखे लेकिन उसकी बहन ने दुबारा पत्र न भेजने की बात कही और नक्सल संगठन में काम करने की इच्छा जताई.

वेट्टी रामा भी नक्सली संगठन में काम कर चुका है. 13 अक्टूबर 2018 को हथियार के साथ रामा ने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर मुख्यधारा से जुड़कर काम करने की इच्छा जताई. उसके बाद से वो पुलिस के लिए काम कर रहा है. 


पिछले 23 सालों से नक्सली संगठन में सक्रिय था
पिछले 23 सालों से नक्सली संगठन में सक्रिय था. और कोंटा इलाके में नक्सली संगठन को मजबूत करने और घटनाओं को अंजाम देने का काम रह रहा था. रामा के उपर करीब 24 नामजद अपराध विभिन्न थानों मे कायम है. शासन के द्वारा आठ लाख का इनाम घोषित किया गया.


लेकिन मुख्यधारा से जुड़ने के लिए रामा ने 13 अक्टूबर 2018 को पुलिस के समक्ष इंसास हथियार डाल दिए थे. अब तक सबसे बड़ा नक्सली लीडर था जिसने सरेंडर किया था. उसके बाद रामा पुलिस के लिए काम करना शुरू कर दिया. वो गाईड के रूप में पुलिस आपरेशन कराने लगा. पुलिस को कई बड़ी सफलताए भी दिलाई. 

वेट्टी कन्नी जो वेट्टी रामा की बड़ी बहन है. वो भी पिछले कई सालों से नक्सली संगठन मे काम रही है. दोनो भाई-बहन साथ मे काम करते थे. दोनो गगनपल्ली के रहने वाले है. और दोनो ने लगभग साथ में ही नक्सल संगठन मे काम करना शुरू कर दिया था. वर्तमान कन्नी अच्छे पद पर काम कर रही है. 

पिछले 29 जुलाई को सुरक्षा बल के साथ वेट्टी रामा एक आपरेशन के लिए गया. नक्सली इलाका बालकातोंग पहुंच तो अचानक सामने नक्सली दिखाई दिए. वेट्टी रामा आगे चल रहा था. सामने उसको उसकी बहन वेट्टी कन्नी दिखाई दी. करीब 200 मीटर दूर से रामा ने पहचान लिया.


कुछ बोल पाते कि उस बीच दोनों और से फायरिंग होनी शुरू हो गई. और देखते ही देखते बहन आंखों के सामने गायब हो गई. आपरेशन के बाद वो लगातार पता लगा रहे है कि बहन किस स्थिति में है. वैसे रामा कहते है कि गलत रास्ते में जा रही है. कई बार पत्र लिखे की मुख्यधारा से जुड़ जाओं लेकिन वो नहीं मान रही है. 

एसपी सुकमा शलभ सिन्हा के अनुसार 29 जुलाई को कोंटा एरिया के बालेतोंग में मुड़भेड़ हुई जिसमें दो नक्सली मारे गए थे. उस टीम के गाइड के रूप में वेट्टी रामा साथ मे था जो पिछले साल नक्सल संघटन छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ा था उसके बाद से ही रामा हमारे साथ सहयोगी के रूप मे कार्य कर रहा हैं.

उस दिनके मुड़भेड़ में वेटटी रामा की बहन वेटटी कन्नी जो नक्सली हैं वो वहां मौजूद थी. दोनों का वहां आमना-सामना हुआ था. फिर दोनों तरफ से फायरिंग हुई उस मुड़भेड़ में नक्सली वेटटी कन्नी बच निकली. वेटटी रामा, पुलिस सहयोगी के अनुसार बालेतोंग के पास नक्सलियों के साथ मुड़भेड़ हुई थी उसमें मेरी बहन वेटटी कन्नी भी शामिल थी.


वहां मेने मेरी बहन को देखा फिर दोनों तरफ से फायरिंग शुरू हो गयी. मैंने पहले भी अपनी बहन से पत्र लिखकर अपील की थी कि वो नक्सल संघटन छोड़कर मुख्य धारा से जुड़े लेकिन उसने जवाब में मुझसे कहा कि मेरा कोई भाई नहीं हैं. रक्षा बंधन हैं फिर से बहन से अपील करता हूं कि नक्सल वाद छोड़कर मुख्य धारा में जुड़े.