सियोल: उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर यानी जापान के समुद्र में दो प्रोजेक्टाइल मिसाइल दागीं हैं. योनहाप समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी. मिसाइल उत्तर कोरिया के शहर हमहुंग शहर से दागी गईं. माना जा रहा है कि यह परीक्षण सोमवार से अमेरिका-दक्षिण कोरिया के बीच शुरू हुए सैन्य अभ्यास के खिलाफ ताकत दिखाने के लिए किया गया है. 

उत्तर कोरिया ने आगाह किया था कि इन युद्ध अभ्यासों से वाशिंगटन और प्योंगयांग के बीच परमाणु निरस्त्रीकरण की वार्ता बहाल होने की योजना प्रभावित हो सकती है. वहीं जापान के रक्षा मंत्री ने प्योंगयांग के इस कदम को ‘अत्यधिक खेदजनक’ बताया.

दक्षिण कोरिया की सीमा पर स्थित डीएमजी में किम जोंग उन की पिछले महीने ट्रंप से हुई मुलाकात के बाद यह पहला मिसाइल परीक्षण है. गौरतलब यह भी है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से एक 'बहुत सुंदर पत्र' मिला है. उन्होंने यह भी कहा कि वह उनके साथ एक और बैठक कर सकते हैं. इसके बाद उत्तर कोरिया ने ये मिसाइलें दागी हैं.


 


पिछले हफ्ते भी उत्तर कोरिया ने दो शॉर्ट रेंज वाली समुद्र में दागीं थीं. दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा कि ये कम दूरी की बैलेस्टिक मिसाइलें हैं. समाचार एजेंसी योनहाप ने जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ (जेसीएस) के हवाले से कहा ये परीक्षण सुबह 5.24 बजे और 5.36 बजे उत्तर कोरिया के दक्षिणी ह्वांग्हाई प्रांत के क्वैल शहर से किए गए. 

जेसीएस के अनुसार, मिसाइलों की अधिकतम ऊंचाई 37 किलोमीटर और अधिकतम गति करीब 6.9 मैक रही. जेसीएस ने कहा, "दक्षिण कोरिया और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ये कम दूरी की मिसाइलें उत्तर कोरिया द्वारा 25 जुलाई को प्रक्षेपित की गई मिसाइलों के समान हैं." उन्होंने कहा, "अतिरिक्त लॉन्चिंग की स्थिति में और सतर्कता बरतने के लिए हमारी सेना नजर बनाए हुए है."

उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को परीक्षण के बाद चेतावनी देते हुए कहा कि वह नया रास्ता अपना सकता है. उत्तर कोरिया का कहना है कि ये युद्धाभ्यास अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तथा दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन के साथ हुए समझौतों का उल्लंघन हैं.