भोपाल । मध्यप्रदेश की पंद्रहवी विधानसभा का तीसरा सत्र सोमवार से शुरू हुआ। 26 जुलाई तक चलने वाले सत्र के पहले दिन सदन द्वारा दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यवाही मंगलवार के लिए स्थगित कर दी गई। इस दौरान विधानसभा में कई बदलाव देखे गए।  सदन में प्रवेश प्रक्रिया, मीडिया सहित कई बदलाव देखने को मिले। इसके साथही कमल नाथ सरकार ने सदन की गरिमा को बनाए रखने और जनता के प्रति जिम्मेदारी बनाए रखने के लिए कुछ बदलावों को हरी झंडी दी। विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने विधानसभा सत्र के दौरान विदेश जाने पर पाबंदी लगा दी है। यह पहला मौका है जब विधानसभा अध्यक्ष ने इस तरह के निर्देश जारी किए है। ऐसा करने के पीछे सरकार का तर्क है कि जनता से जुड़े सवालों को कई बार अफसर गंभीरता से नहीं लेते, नतीजन कई सवालों के जवाब जनप्रतिनिधियों को नहीं मिलते या मिलते भी हैं तो वे अधूरे रहते हैं। ऐसे में जनता के बीच सरकार की छवि धूमिल होती है।  निर्देश में लिखा है कि विधानसभा सत्र के 15 दिन पहले और विधानसभा सत्र के 15 दिन बाद तक कोई भी अधिकारी विदेश यात्रा पर नही जाएगा। आदेश न मानने वाले अफसरों को विधानसभा की अवमानना के तहत दोषी माना जाएगा और कार्रवाई की जाएगी। नए निर्देश के तहत अब अधिकारी 10  अगस्त तक देश के बाहर नही जा सकेंगे।
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कल आएगा प्रदेश का बजट
15 वर्ष बाद बुधवार को ऐसा मौका आएगा जबकि कांग्रेस सरकार विधानसभा में बजट पेश करेगी। कल प्रदेश के वित्त मंत्री तरुण भनोत वर्ष 2019-20 का बजट प्रस्तुत करेंगे। गौरतलब है कि पिछले सत्र में कमल नाथ सरकार ने लेखानुदान पेश किया था। 

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एक नजर में खबर
15वीं विधानसभा का तीसरा सत्र
19 दिन 26 जुलाई तक चलेगा
15 बैंठकें होंगी
4362 सवाल पूछे विधायकों ने
206 ध्यानाकर्षण की सूचनाएं
23 स्थगन प्रस्ताव
22 अशासकीय संकल्प
47 सूचनाएं शून्यकाल की 
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फ्लोर टेस्ट करवाना चाहेगी भाजपा
सत्र के प्रांरभ होने से पहले कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री कमलनाथ और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव सहित कई नेता मौजूद रहे।
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भाजपा ने की घेरने की तैयारी
इसके हंगामेदार होने के आसार हैं। कानून व्यवस्था, कर्जमाफी, बिजली कटौती, पेयजल समस्या और अवैध उत्खनन जैसे मुद्दे उठाकर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। बैठक से पहले विपक्षी दल भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, नरोत्तम मिश्रा, विश्वास सारंग, रामेश्वर शर्मा ने शिवराज सिंह के निवास पर बजट सत्र को लेकर चर्चा की थी। इसमें सरकार को घेरने के मुद्दों पर रणनीति बनाई गई।

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71 किसानों ने की आत्महत्या
 एक सावाल के लिखित जवाब में प्रदेश के गृहमंत्री बाला बच्चन ने बताया कि 1 दिसंबर 2018 से 12 जून 2019 तक यानि करीब सवा 5 महीने में  71 किसानों ने आत्महत्या की है। सर्वाधिक आत्महत्याएं 14 सीधी में और 13 सागर जिले में दर्ज हुईं।
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जन अधिकार आज से शुरू होगा, जनता से सीधा संवाद कर समस्या सुनेंगे नाथ
मुख्यमंत्री कमल नाथ जन अधिकार कार्यक्रम के तहत अब हर महीने के दूसरे मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लोगों की शिकायतें सुनेंगे मौके पर समाधान के निर्देश देंगे, उसकी शुरुआत मंगलवार से हो रही है। प्रदेश में अब तक संचालित समाधान ऑनलाइन से नाखुश होकर सीएम कमलनाथ ने ई पहल की शुरुआत करने का फैसला किया है। मंगलवार के दिन छुट्टी होने पर अगले दिन जन अधिकार कार्यक्रम होगा। वहीं, सीएम की वीडियो कांफ्रेंसिंग में कलेक्टर, एमपी समेत विभाग अफसर भी मौजूद रहेंगे। जन अधिकार कार्यक्रम में सीएम को सीधे मिलने वाली, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें को भी शामिल किया जाएगा।
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भाजपा शासन में विधिसम्मत हुई थी एफआईआर, किसान आंदोलन पर हल्ला मचाने वाली कांगे्रस ने खाई पलटी
भोपाल। मध्यप्रदेश की पंद्रहवी विधानसभा के तीसरे सत्र के पहले दिन सरकार ने कई सवालों के लिखित जवाब दिये । कुछ जवाबों सरकार अपनी उन बातों में घिरती नजर आई, जिसमें वह विपक्ष में रहते हुए पूर्ववर्ती भाजपा सरकार को घेरती थी। सोमवार को गृह मंत्री बाला बच्चन ने विधानसभा में एक लिखित जवाब कहा कि दो वर्ष पूर्व मंदसौर में हुए किसान आंदोलन के दौरान विधिसम्मत प्रक्रिया अनुसार आपराधिक प्रकरण दर्ज किये गये थे। गृहमंत्री ने कांग्रेस विधायक हरदीपसिंह डंग के एक सवाल के लिखित जवाब में ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान एवं अन्य स्थानों पर विधिसम्मत प्रक्रिया अनुसार आपराधिक प्रकरण दर्ज किये गये हैं। 
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प्रदेश मेें 36 हजार अपराध, 19 हजार महिलाओं से अत्याचार
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव से सवाल के लिखित जवाब में गृहमंत्री बाला बच्चन ने बताया कि प्रदेश में 36 हजार 95 अपराध हुए हैं। यह अपराध 1 जनवरी 2019 से 15 जून 2019 के बीच दर्ज हुए हैं। अपराधों में महिलाओं के प्रति सर्वाधिक अपराध दर्ज किये गए हैं। 

मध्यप्रदेश में अपराधों का आंकड़ा
36095    अपराध 
19500    महिलाओं से अत्याचार
12774    चोरी
2425    बलात्कार
800    हत्याएं
574    लूटपाट
22    डकैती

पुलिस ने पेश किये चालान
जवाब में बताया गया कि हत्या के 800 मामलों में से 379 मामलों पर पुलिस द्वारा चालान पेश कर दिया गया है। चोरी के 12774 मामलों में से 2123 मामलों में, लूटपाट के 574 में से 180 में, डकैती के 22 मेंं से 6, महिलाओं में 19500 मामलों में से 10 हजार 945 मामलों में, बलात्कार के 2425 मामलों में से 1361 मामलों पर अभियोजन की कार्रवाई जारी है।
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साढ़े 6 महीने मेंं 71 किसानों ने की आत्महत्या
प्रदेश में एक दिसंबर 2018 से 12 जून 2019 तक की साढ़े छह महीने की अवधि में कुल 71 किसानों ने आत्महत्या की है। 
यह जानकारी गृहमंत्री बाला बच्चन ने एक सवाल के जवाब में दी। उन्होंने बताया कि सर्वाधिक आत्महत्याएं 14 सीधी में और 13 सागर जिले में दर्ज हुईं। 
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जनसंख्या बढऩे के कारण हो रहे सड़क हादसे
भाजपा विधायक कमल पटेल ने विधानसभा में गृहमंत्री से पूछा था कि एक दिसबंर 2018  से 12  जून 2019  तक किस किस जिले में सड़क हादसे हुए और कितनों लोगों की मौत हुई। सड़क हादसों के क्या कारण है और सरकार ने इस संबंध में क्या उपाए किए हैं? इस पर गृहमंत्री ने जवाब दिया है कि  पिछले साढ़े छह महीने में सड़क हादसों में लगभग साढ़े छह हजार लोगों की मौत हो गई। सड़क हादसों का कारण जनसंख्या और वाहनों में बढ़ोतरी होना है। सर्वाधिक मौतें धार में 326 हुईं। राजधानी भोपाल में इस अवधि में 162 लोग, इंदौर में 168, ग्वालियर में 169 और जबलपुर में 251 लोग सड़क हादसों का शिकार बने।  
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पिछले 6 माह में भोपाल शहर में बढ़ा अपराधों का ग्राफ
भोपाल जिलांतर्गत थानों में 1 जनवरी 2019 से 14 जून 2019 तक बलात्कार की 182, छेड़छाड़ की 299, महिला उत्पीडऩ की 361, लूटपाट की 54, चोरी की 418 व गुंडागर्दी की 104 घटनाएं हुई हैं। यह जानकारी गृहमंत्री बाला बच्चन ने पूर्व सहकारिता मंत्री व विधायक विश्वास सारंग के प्रश्न के जबाव में परिषिष्ट के माध्यम से दी है।    
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लाखों किसानों का कर्ज आज दिनांक तक नहीं हुआ माफ
नरेला विधायक विश्वास सारंग के एक अन्य प्रश्न के उत्तर में किसान कल्याण मंत्री सचिन सुभाषचन्द्र यादव ने परिषिष्ट के माध्यम से बताया कि भोपाल जिले के 44,519 राजगढ़ जिले के 1,09,660 रायसेन जिले के 81,241 विदिषा जिले के 1,48,923 व सीहोर जिले के 1,46,448 किसानों के कर्ज माफ अभी तक नहीं हुए हैं। बाद में पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री सारंग ने कहा कि 10 दिन में कर्जे माफ करने की बात करने वाली कमलनाथ सरकार ने 6 माह के बाद भी किसानों के कर्ज माफ नहीं किये हैं।