इन्दौर । कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज केन्द्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के नोडल आफिसर श्री संकेत भोंडवे (उप सचिव सड़क परिवहन मंत्रालय भारत सरकार) की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम, कृषि, उद्यानिकी, मछली पालन, जल संसाधन, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, ग्रामीण विकास के अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर श्री भोंडवे ने कहा कि जल संरक्षण से संबंधित सभी विभाग जल संरक्षण और जल संवर्धन के लिए काम करें। भारत सरकार पूरे देश में जल संरक्षण मिशन चला रही है। इन्दौर क्षेत्र में भी इस मिशन को तेज गति प्रदान करना जरूरी है। जल संरक्षण से संबंधित सभी विभाग मिलजुल कर काम करें और एक साल के भीतर परिणाम दें। सभी संबंधित विभाग जल संरक्षण के क्षेत्र में दिसंबर 2019 तक कार्य योजना प्रस्तुत करें।
इस अवसर पर श्री भोंडवे ने कहा ‍कि देश की बढ़ती हुई आबादी को देखते हुए भारत सरकार ने जल ग्रहण मिशन चलाने का निर्णय लिया है। सभी संबंधित विभाग अपने उपलब्ध बजट से कार्य योजना बनायें और जल संरक्षण के कार्य करें। उन्होने यह भी कहा कि किसान शेडनेट, प्लास्टिक मल्चिंग का प्रयोग और कम पानी की फसल की बुआई करें, जिससे पानी का खर्च कम होगा। ग्रामीण विकास विभाग तालाब और स्टाप डैम पर जोर दें। नगरीय निकाय रूफ वाटर हार्वेस्टिंग योजना प्रभावी ढंग से लागू करें। इस अवसर पर आयुक्त नगर निगम श्री आशीष सिंह ने कहा कि इन्दौर नगर पालिक निगम द्वारा घर-घर जाकर नागरिकों को रूफ वाटर हार्वेस्टिंग के लिए नगर निगम कर्मचारियों द्वारा प्रेरित किया जायेगा। मल्टी स्टोरी बिल्डिंग की अनुमति देते समय रूफ वाटर हार्वेस्टिंग की शर्त लगाई जा रही है।
बैठक में बताया गया कि नर्मदा घाटी विकास अभिकरण द्वारा नर्मदा गंभीर परियोजना के तहत 1900 करोड़ का प्रोजेक्ट लागू किया जा रहा है। नर्मदा के पानी लिफ्ट कर मालवा क्षेत्र माइक्रो इरीगेशन के जरिए सिचांई की जायेगी। इस सिंचाई का प्रीपेड बिल किसानों को देना होगा। कृषि के विकास के लिए नाबार्ड राज्य शासन को ऋण देगा और राज्य शासन विभागीय योजनाओं के तहत जल संरक्षण और जल संवर्धन को बढ़ावा देगा। इस मिशन के तहत सिंचाई परियोजना, लिफ्ट इरीगेशन और माइक्रो इरीगेशन शामिल हैं।  
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नेहा मीना ने कहा कि जिला पंचायत द्वारा जिले में ग्रामीण क्षेत्र में स्टॉप डैम और तालाब बनाये जा रहें है। पुराने तालाब और बावड़ियों की सफाई और गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर शिविर लगा कर रूफ वाटर हार्वेस्टिंग के लिए आम आदमी को प्रेरित किया जायेगा।
बैठक में नावार्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री दीपक घोरपडे, आईएस के ईई श्री एस.के. सोलंकी, उद्यानिकी विभाग के उप संचालक श्री टी.एस. वास्केल के अलावा कृषि, मछली पालन,  जल संसाधन, जल ग्रहण मिशन, नगर निगम के अधिकारी मौजूद थे।