नई दिल्लीः पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रही नलिनी श्रीहरन को मद्रास हाईकोर्ट से 30 दिनों की पैरोल दे दी गई है. बता दें नलिनी श्रीहरन ने अपनी बेटी की शादी के लिए कोर्ट से छह महीने की पैरोल के लिए याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को हाईकोर्ट ने नलिनी की याचिका का निस्तारण करते हुए छह महीने की जगह 30 दिन की ही पैरोल दी है.

हालांकि कोर्ट ने इस बात का विशेष ख्याल रखने के भी आदेश दिए हैं कि इस दौरान नलिनी न तो किसी राजनेता से संपर्क करेंगी और न ही मीडिया से बातचीत करेगी. नलिनी ने अपनी बेटी की शादी के लिए 6 महीने की पैरोल के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी. ऐसे में मद्रास हाई कोर्ट ने नलिनी की इस याचिका पर कहा था कि अदालत में उपस्थित होकर अपनी याचिका की पैरवी करने के अधिकार से नलिनी श्रीहरन को वंचित नहीं किया जा सकता है. 
बता दें 21 मई 1991 को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तमिलनाडु में एक चुनावी रैली के दौरान आत्मघाती हमले में एक महिला हमलावर ने हत्या कर दी थी, जिसके बाद इस मामले में नलिनी श्रीहरन, मुरूगन, संतन, पेरारीवलन, जयकुमार, रविचन्द्रन और रॉबर्ट पायस को दोषी ठहराया गया था. नलिनी श्रीहरन 27 सालों से जेल में सजा काट रही है.
नलिनी को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांदी की हत्या मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी, जिसे 24 अप्रैल 200 को तमिलनाडु सरकार ने आजीवन कारावास में परिवर्तित कर दिया था. वहीं नलिनी ने दावा किया था कि ऐसे 3,700 कैदियों को तमिलनाडु सरकार ने रिहा कर दिया था, जो दस साल की सजा काट चुके थे.