जबलपुर। कलेक्टर भरत यादव ने किसानों से खरीदे गये नॉन एफएक्यू गेहूं को तीन दिन के भीतर साफ-सुथरा कर गोदामों में रखवाने के निर्देश समिति प्रबंधकों को दिये हैं। श्री यादव आज कलेक्ट्रेट में आयोजित किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन करने वाली प्राथमिक साख समितियों के प्रबंधकों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
    कलेक्टर ने बैठक में चेतावनी दी कि किसानों से खरीदे गये नॉन एफएक्यू गेहूं की साफ-सफाई और गोदामों में जमा कराने में विलंब हुआ तो इसके लिए समिति प्रबंधकों को ही जिम्मेदार माना जायेगा और उनके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। श्री यादव ने कहा कि समिति प्रबंधकों द्वारा की गई गलतियों के कारण किसानों को तकलीफ नहीं होनी चाहिए और उन्हें उनकी उपज के भुगतान में भी और ज्यादा देर नहीं होनी चाहिए।
    कलेक्टर ने जिले से भंडारण के लिए इटारसी और छिंदवाड़ा भेजे गये नॉन एफएक्यू गेहूं की सफाई के लिए भी पांच दिन की समय-सीमा तय की है। उन्होंने जिला आपूर्ति नियंत्रक को इसके लिए खाद्य निरीक्षकों की नामजद ड्यूटी लगाने के निर्देश दिये। श्री यादव ने कहा कि खाद्य निरीक्षक इटारसी और छिंदवाड़ा के उन गोदामों में जायें जहां जिले से भेजे गये गेहूं को निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि खाद्य निरीक्षकों को यहां से भेजे गये गेहूं को एफएक्यू मापदंड के मुताबिक तैयार करने और भंडारण तक गोदामों पर ही मौजूद रहना होगा।
    श्री यादव ने बैठक में समितियों से किसानों को खाद एवं बीज वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने समिति प्रबंधकों को खाद-बीज के वितरण में कर्जमाफी के बाद नियमित श्रेणी में शामिल हुए किसानों को प्राथमिकता देने की हिदायत भी दी।
    बैठक में बताया गया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं के उपार्जन के दौरान समितियों द्वारा जिले के भीतर करीब २५ हजार ८९२ क्विंटल नॉन एफएक्यू गेहूं की खरीदी की गई थी। जबकि जिले के बाहर इटारसी और छिंदवाड़ा भेजे गये गेहूं में से लगभग ९२ हजार ८२६ क्विंटल गेहूं को निम्न गुणवत्ता के कारण गोदामों में स्वीकार नहीं किया गया। बैठक में अपर कलेक्टर सलोनी सिडाना तथा उपार्जन व्यवस्था से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे।