ग्वालियर ।     प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भारत सरकार से माँग की है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में प्रदेश के खाद्यान्न कोटे में बढ़ोत्तरी की जाये। इस सिलसिले में श्री तोमर ने केन्द्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री रामविलास पासवान को पत्र प्रेषित कर आग्रह किया है।  मंत्री श्री तोमर ने प्रेषित पत्र में कहा है कि राष्ट्रीय स्तर पर हकदारी आधारित खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत देशवासियों को उचित मूल्य पर अच्छी गुणवत्ता के खाद्यान्न पोषण की सुरक्षा दी गई है। इस अधिनियम के अंतर्गत मध्यप्रदेश की 75 प्रतिशत आबादी को सस्ती दर पर राशन मुहैया कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल प्रदेश में कुल 5 करोड़ 46 लाख पात्र परिवारों को राशन मुहैया कराया जा रहा है जबकि यह संख्या वर्ष 2011 में प्रदेश की कुल जनसंख्या 8 करोड़ 23 लाख की मात्र 66 प्रतिशत ही है। श्री तोमर ने कहा कि नतीजतन निर्धारित लक्ष्य के अनुसार सस्ती दर पर पात्र परिवारों को राशन मुहैया कराने में राज्य सरकार को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अधिसूचित प्राथमिकता परिवारों में पात्र होने पर भी पात्र व्यक्तियों को लक्षित सार्वजनिक प्रणाली हकदारी नहीं मिल पाती है क्योंकि उन्हें केन्द्रीय योजना की निर्धारित खाद्यान्न आवंटन सीमा से बाहर होने के कारण सूची में सम्मिलित नहीं किया जा सकता है।
श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यूनाइटेड नेशन डेव्हलपमेंट प्लॉन के अंतर्गत वर्ष 2030 तक तय किये गये सब्स्टेंशियल डेव्हलपमेंट गोल में जीरो हंगर की सहमति भारत सरकार द्वारा दिये जाने का भी अपने पत्र में जिक्र किया है। उन्होंने कहा है कि भारत सरकार से प्राप्त खाद्यान्न आवंटन सीमा अंतर्गत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली में 5 करोड 46 लाख हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। अधिनियम के अंतर्गत समस्त प्राथमिक परिवारों को 5 किलो प्रति सदस्य के मान से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। अनेक न्यूट्रिशियन गणनाओं में भी यह निष्कर्ष सामने आया है कि एक वयस्क व्यक्ति को पर्याप्त पोषण के लिये एक माह में न्यूनतम 8 किलो खाद्यान्न की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया है कि भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही खाद्यान्न की मात्रा वास्तविक आवश्यकता से 3 किलो कम है। श्री तोमर ने माँग की है कि अंत्योदय अन्न योजना के लिये हितग्राहियों को 35 किलो के स्थान पर 45 किलो प्रति परिवार खाद्यान्न दिया जाना चाहिये।
   खाद्य मंत्री श्री तोमर ने केन्द्रीय मंत्री श्री पासवान से आग्रह किया है कि अधिनियम अंतर्गत प्राथमिक प्राप्त परिवार को दिये जाने वाले खाद्यान्न की मात्रा 5 किलो प्रति सदस्य से बढ़ाकर 8 किलो प्रति सदस्य प्रतिमाह तथा अंत्योदय अन्न योजना के लिये हितग्राहियों को 45 किलो प्रति परिवार की जाये ताकि हितग्राहियों को पर्याप्त खाद्यान्न प्राप्त हो सके।