जबलपुर। जिले में रेत माफिया के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि रेत निकालने के लिए माफिया ने एक नदी को ही पाट दिया है। नदी के उपर से वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है, जहां से अवैध रेत का परिवहन दिन रात किया जा रहा है। 
नरसिंहपुर और जबलपुर जिले में यहां की रेत धड़ल्ले से भेजी जा रही है। सूत्रों की मानें तो कुछ सरकारी अधिकारी भी इस खेल में शामिल हैं, इसलिए रेत माफिया पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
बेलखेड़ा थान क्षेत्र में नर्मदा नदी के जुगपुरा घाट में जमकर उत्खनन किया जा रहा है। यह घाट नर्मदा और हिरन नदी के मुहाने पर है। इसलिए रेत माफिया ने यहां से रेत निकालने के लिए हिरन नदी को पाट दिया है। इसी रास्ते से वाहन जुगपुरा घाट पहुंचते हैं, जहां दिन-रात अवैध उत्खनन किया जा रहा है। 


नौरदेही अभ्यरण्य से निकलती है रेत...........
हिरन नदी के उपर से निकाला गया रास्ता नौरादेही अभ्यारण्य से होकर गुजरता है। रेत माफिया इसी रास्ते से रेत का अवैधा परिवहन कर रहे हैं। ऐसे में सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जिस जंगल में कोई भी निर्माण बिना अनुमति के नहीं होता वहां से रोजाना सैकड़ों हाईवा और डंपर रेत का परिवहन वैâसे हो रहा है। सूत्रों की मानें तो वन विभाग के कुछ कर्मचारी भी इस खेल में शामिल हैं, जिसके चलते यहां से रेत निकाली जाती है।


वैâसे पाट दी नदी............
एनजीटी के नियमों के मुताबिक किसी भी नदी का रास्ता न तो बदला जा सकता है और न ही बिना अनुमति के उस पर पुल बनाया जा सकता है, लेकिन जुगपुरा गांव के पास रेत माफिया ने हिरन नदी को पाट दिया है। वाहन निकालने के लिए यहां बीच नदी के रास्ता बनाया गया है। इससे जलप्रवाह अवरुद्ध होने का खतरा बढ़ गया है। गौर करने वाली बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों को इस रास्ते की जानकारी नहीं है।


ऐसे हो रहा खनन............
जगपुरा घाट में दिन-रात रेत निकाली जा रही है। यहां पोकलेन और जेसीबी मशीने रेत निकालने के लिए लगाई गई हैं। यहां से हाईवा और डंपर में रेत भरकर हिरन नदी के रास्ते नौरादेही अभ्यारण्य होते हुए नरसिंहपुर जिले में भेज दी जाती है। राष्ट्रीय राजमार्ग १२ से यह रेत जबलपुर जिले में भी पहुंचती है।


पुलिस-प्रशासन का गठजोड़...........
बड़े पैमाने पर हो रहे रेत उत्खनन की जानकारी न तो पुलिस को है और न ही प्रशासनिक अमले को, जबकि यहां रोजना सैकड़ों डंपर रेत निकाली जा रही है। सूत्रों की मानें तो पुलिस और प्रशासन के गठजोड़ से यहां अवैध उत्खनन किया जा रहा है। जुगपुरा गांव के लोग इस अवैध खनन से परेशान हैं। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि रोजाना सैकड़ों बार वाहन निकलते हैं, जिससे धूल उड़ती है। यह धूल ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव छोड़ रही है। 
अवैध उत्खनन किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मौके का मुआयना करके जांच की जाएगी। यदि कोई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी इसमें संलिप्त है तो उस पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
भरत यादव, कलेक्टर जबलपुर