भोपाल । तीन महीने पहले बिजली कंपनी ने बिजली की दरों में डेढ़ फीसदी बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव बनाया था। इसके बाद लोकसभा चुनाव होते ही कंपनी ने करीब 4 हजार करोड़ का घाटा बताकर बिजली की दरों में 12 फीसदी तक बढ़ोतरी किए जाने की तैयारी कर ली है। नई दरें अगले महीने से लागू हो सकती हैं। चुनाव से पहले कंपनी महज 1.5 फीसदी इजाफा करने का दावा कर रही थी। उस वक्त प्रस्ताव भी भेजा गया। पिछले दिनों मप्र पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने संशोधित प्रस्ताव बनाकर दाम 12 फीसदी बढ़ाने की मंजूरी मांगी है। अब मप्र विद्युत नियामक आयोग इस मामले में निर्णय करेगा। इसकी सुनवाई 23 जून को होना है। इससे पहले फरवरी 2019 में मप्र विद्युत नियामक आयोग को टैरिफ प्रस्ताव भेजा। इसमें 1.5 फीसद औसत बढ़ोतरी का जिक्र किया। बिजली कंपनी ने 25 मई को दोबारा रिव्यू पिटीशन दायर की। जिसमें 4098 करोड़ का घाटा बताते हुए 12 फीसदी बिजली के दाम बढ़ाने की सिफारिश की गई। सूत्रों की माने तो साल 2018 में मप्र पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने 3837 करोड़ रुपए का घाटा बताकर बिजली दरें बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था।

2017 में हुई थी 9 फीसदी बढ़ोतरी 
इससे पहले बिजली कंपनी ने लगातार दो साल बिजली दरों में बढ़ोतरी की थी। 20015-16 में बिजली टेरिफ में करीब साढ़े आठ फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद 2016-17 के लिए भी करीब नौ फीसदी की वृद्धि की गई थी। वर्ष 2018 में बिजली बढ़ोतरी से उपाोक्ताओं को राहत मिली थी। अब एक बार फिर बिजली दरों में बढ़ोारी की तैयारी है।

फ्री बिजली देने के सिस्टम ने बढ़ाई परेशानी
सूत्रों के मुताबिक शिवराज सरकार ने 200 रुपए में मप्र के गरीब उपभोक्ताओं को बिजली दिए जाने की व्यवस्था की थी। इस सिस्टम ने बिजली कंपनियों का घाटा बढ़ा दिया था। इसके बाद से बिजली कंपनियों और सरकार की व्यवस्था गड़बड़ा गई है। अब कांग्रेस सरकार ने 100 रुपए में 100 यूनिट बिजली दिए जाने की व्यवस्था कर दी है। इस सिस्टम को बनाए रखने के लिए बिजली दरों में बढ़ोतरी कर ईमानदार उपभोक्ताओं पर बोझ डालने की तैयारी है।
 
फिक्स चार्ज बढ़ेगा
बिजली कंपनी ने फिक्स जार्च बिल में ऊर्जा प्रभार के साथ जुड़कर आता है। अभी उपभोक्ता को 101 यूनिट से 100 यूनिट तक खपत पर शहर में 90 और गांव में 65 रुपए जार्च देना होता था। इसे अब 80 रुपए किया है। वहीं 101 से 00 यूनिट में 17 रुपए प्रति आधा किलोवाट लोड पर बढ़ाकर 24 रुपए। तथा 100 यूनिट से ऊपर पर 21 रुपए प्रति आधा किलोवाट से बढ़ाकर 27 रुपए प्रति आधा किलोवाट करने का प्रस्ताव बनाया है।

100 यूनिट में 25 रुपए बढ़ेगा
बिजली कंपनी की मनमाफिक यदि दाम बढ़ेगें तो 100 यूनिट बिजली की खपत वाले उपभोक्ता के मौजूदा बिल में करीब 25 रुपए अतिरिक्त बोझ आएगा। घरेलू उपभोक्ता को मौजूदा टैरिफ के मुताबिक औसत दाम 5.95 रुपए प्रति यूनिट बिजली मिलती है। बिजली की मौजूदा दर के हिसाब से अभी 100 यूनिट बिजली बिल का दाम करीब 517 रुपए आता है। बिजली के दाम बढ़े तो ये करीब 542.50 रुपए के आसपास होगा। करीब 25 रूपए का अंतर आएगा।