विश्व कप क्रिकेट में प्रशंसकों को स्टार बल्लेबाज एबी डीविलियर्स की आक्रामक बल्लेबाजी देखने को मिल जाती अगर दक्षिण अफ्रीकी टीम प्रबंधन उनके प्रस्ताव को स्वीकार कर लेता। विश्व कप को देखते हुए डीविलियर्स ने 
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास से वापसी का प्रस्ताव दिया था पर दक्षिण अफ्रीकी टीम प्रबंधन इसके लिए तैयार नहीं था।  
डिविलियर्स के प्रस्ताव को टीम प्रबंधन ने यह कहकर खारिज कर दिया था कि यह अगर हम डिविलियर्स के प्रस्ताव को मान लेते हैं तो ये पक्षपात होगा। प्रबंधन के अनुसार, डिविलियर्स के संन्यास के बाद से ही टीम का हिस्सा रहे खिलाड़ियों में से किसी एक को बाहर करना पड़ता, इसलिए उनका प्रस्ताव नहीं माना गया। डिविलियर्स ने यह प्रस्ताव टीम की घोषणा के कुछ समय पहले ही दिया था। 
स्थानीय मीडिया के अनुसार डिविलियर्स ने टीम के कप्तान फाफ डुप्लेसी और मुख्य कोच ओटिस गिब्सन के सामने यह प्रस्वाव रखा था पर उनके प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। 
डिविलियर्स ने मई 2018 में संन्यास लिया था, जिसके ठीक एक साल बाद विश्वकप होना था। ऐसे में वह चयन प्रक्रिया के नियमों के दायरे में नहीं आ रहे थे। नियमों के तहत खिलाड़ी को एक निश्चित अवधि में टीम के लिए घरेलू क्रिकेट या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते रहना जरूरी होता है। 
दूसरा कारण ये थी कि अगर डिविलियर्स को टीम में शामिल कर लिया जाता तो यह उन खिलाड़ियों के साथ अन्याय होगा जो डिविलियर्स के बाद टीम में चुने गए हैं, और अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। दक्षिण अफ्रीकी टीम विश्व कप के अपने तीनों मैच हार गयी है और अब उसे अपनी संभावनाएं बरकरार रखने बचे हुए सभी मैच जीतने होंगे। 
टीम की खराब बल्लेबाजी को देखकर कहा जा सकता है डिविलियर्स होते तो बात कुछ और होती। 
प्रस्ताव ठुकराने पर पछता नहीं रहे : जोंडी
दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट (सीएसए) के चयन संयोजक लिंडा जोंडी ने कहा है कि स्टार बल्लेबाज विलियर्स के विश्व कप में खेलने के प्रस्ताव को ठुकराने को लेकर उन्हें किसी प्रकार का पछतावा नहीं है। इससे पहले विश्व कप में दक्षिण अफ्रीकी टीम की लगातार तीन हार के बाद डि विलियर्स ने कहा था कि उन्होंने संन्यास से निकलकार वापसी का प्रस्ताव रखा था पर उसे ठुकरा दिया गया था।डि विलियर्स ने पिछले साल आईपीएल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। वहीं विश्वकप शुरू होने से पहले उन्होंने सीएसए से कहा था कि वह विश्व कप में टीम के हित को देखते हुए संन्यास से वापसी करने को तैयार हैं। अब लिंडा ने कहा है कि उन्होंने डि विलियर्स के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया था। लिंडा ने कहा है कि डि विलियर्स श्री लंका और पाकिस्तान के साथ घरेलू सीरीज खेलने के लिए तैयार नहीं थे। इन दोनों सीरीज के बजाए उन्होंने अन्य देशों की टी-20 लीग में खेलने का फैसला किया था जबकि यह दोनों सीरीज विश्वकप टीम में चयन का खिलाड़ियों के लिए पैमाना थीं। इसलिए उन्हें टीम में शामिल करने का कोई सवाल ही नहीं था। 
उन्होंने कहा, ‘मैंने डि विलियर्स से 2018 में कहा था कि वह संन्यास न लें लेकिन वह अपने हिसाब से खेलने का फैसला कर रहे थे जो गलत है। मैंने उन्हें सत्र के हिसाब से रणनीति बनाने का विकल्प दिया था ताकि वह विश्व कप के लिए तरोताजा रह सकें। हमने साफ कर दिया था कि श्री लंका और पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली सीरीज ही विश्व कप के लिए टीम चयन का आधार होगी। इसकी जगह उन्होंने बांग्लादेश और पाकिस्तान में टी-20 लीगों में खेलने का फैसला किया। उन्होंने हमारे प्रस्ताव को ठुकरा दिया और उस समय कहा था कि वह संन्यास को लेकर अपने फैसले से खुश हैं।’ टीम के कप्तान फाफ डु प्लेसिस और ओटिस गिब्सन ने डि विलियर्स के प्रस्ताव के बारे में चयनकर्ताओं को बताया था लेकिन लिंडा ने कहा कि यह बात उन्हें काफी हैरान कर गई। उन्होंने कहा कि वह एक बुरा उदाहरण नहीं देना चाहते थे। उन्होंने कहा, ‘18 अप्रैल को जब हम विश्व कप टीम की घोषणा करने वाले थे, उस दिन डु प्लेसिस और गिब्सन का डि विलियर्स का टीम में आने वाले प्रस्ताव का बताना मेरे लिए हैरानी वाली बात थी।