नई दिल्ली: लोकसभा चुनावों के बाद भी पश्‍च‍िम बंगाल में जारी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. बंगाल का बसीरहाट बीजेपी और तृणमूल के बीच राजनीति का नया अखाड़ा बन गया है. यहां बीजेपी के 3 कार्यकर्ताओं की हत्‍या हो गई. बीजेपी के नेता इनके घर जाना चाहते थे, लेकिन ममता बनर्जी के प्रशासन ने इन नेताओं को रोक दिया. बीजेपी के नेता इन कार्यकर्ताओं के पार्थ‍िव शरीर के पार्टी ऑफ‍िस ले जाना चाहते थे, जिसकी अनुमत‍ि उन्‍हें नहीं दी गई.

अब बीजेपी ने बसीरहाट में बंद बुलाया है. बंगाल बीजेपी पूर्व अध्‍यक्ष राहुल सिन्‍हा ने कहा, हम सोमवार को पूरे बंगाल में बंद बुलाएंगे और इस दिन को काले दिवस के रूप में मनाएंगे. राहुल सिन्‍हा ने कहा, पुलि‍स ने इस पूरे घटनाक्रम में जिस तरह की भूमिका निभाई है, उसके खिलाफ हम कोर्ट में जाएंगे. मृतकों की देह को उनके घर भी नहीं ले जाने दिया गया.

केंद्र सरकार ने बंगाल की हिंसा पर जताई चिंता
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में जारी हिंसा पर रविवार को गहरी चिंता जताते हुए कहा कि लोकसभा चुनावों के बाद भी हिंसा राज्य सरकार की नाकामी लगती है. पश्चिम बंगाल सरकार को दिये परामर्श में गृह मंत्रालय ने उससे कानून व्यवस्था, शांति और सार्वजनिक अमन बनाये रखने को कहा. परामर्श में कहा गया है, ‘पिछले कुछ सप्ताहों में जारी हिंसा राज्य में कानून व्यवस्था बनाये रखने और जनता में विश्वास कायम करने में राज्य के कानून प्रवर्तन तंत्र की नाकामी लगती है.’
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार ने आम चुनाव के बाद भी पश्चिम बंगाल में जारी हिंसा पर गहरी चिंता प्रकट की. परामर्श के अनुसार यह सुनिश्चित करने की पुरजोर सलाह दी गयी है कि कानून व्यवस्था, शांति और सार्वजनिक अमन चैन बनाये रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाये जाएं.

इसमें कहा गया, ‘अपनी जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई का अनुरोध किया जाता है.’ गृह मंत्रालय के अनुसार ताजा रिपोर्ट इशारा करती हैं कि शनिवार को उत्तरी 24 परगना जिले में चुनाव बाद हुए संघर्ष में चार लोग मारे गए. एक अधिकारी ने परामर्श के हवाले से कहा कि इससे पहले भी पश्चिम बंगाल के अनेक हिस्सों में हिंसा और लोगों के मारे जाने की खबरें आई हैं.