भोपालः राजधानी भोपाल में 8 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पूरा पुलिस प्रशासन सवालों के घेरे में आ खड़ा हुआ है. जहां पुलिस की लापरवाही के चलते 8 साल की बच्ची को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. गृह मंत्री बाला बच्चन ने बच्ची के साथ हुई बर्बर्ता और हत्या के मामले में बात करते हुए कहा कि 'बच्ची के साथ हुई घटना के बाद लापरवाली बरतने के मामले में 7 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है, जिनमें 1 ASI, 1 हेड कॉन्स्टेबल और 4 सिपाही शामिल हैं. पुलिस ने संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है. जिसके बाद आरोपी की पुष्टी होने पर पुलिस मामले का खुलासा करेगी.'

बता दें राजधानी भोपाल के नेहरू नगर के आईएफएम मांडवा बस्ती के पास नाले में 8 वर्षीय बच्ची का शव मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी मच गई थी. जिसके बाद मृतक बच्ची की पहचान करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ रेप की पुष्टी हुई है. बता दें मृतक बच्ची शनिवार की रात 8 बजे से लापता थी, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस में इसकी शिकायत की, लेकिन वहां उन्हें पुलिस का लापरवाह रवैया देखने को मिला और उसका नतीजा यह हुआ कि रविवार सुबह परिजनों को बच्ची नहीं बल्कि उसकी लाश मिली. 

इस मामले में परिजनों का कहना था कि पार्षद के कहने पर जांच के नाम पर पुलिस घर पहुंची और बच्ची को खोजने के बजाय घर में बैठकर नाश्ता-चाय की मांग करने लगी. ऐसे में परिजनों में पुलिस को लेकर काफी आक्रोश है. इस पूरे मामले के सामने आने के बाद 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है. जिनमें SI देव सिंह, दो हवलदार नरेंद्र और जगदीश, चार सिपाही बृजेन्द्र, प्रह्लाद, और वीरेंद्र सिंह शामिल हैं. बता दें इन सभी पुलिसकर्मियों पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप है. जिसके चलते परिजन बच्ची के साथ हुई घटना के मामले में पुलिस को लापरवाह बताते हुए उसे दोषी ठहरा रहे हैं और उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.