ग्वालियर   कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने एनईएफटी एवं आरटीजीएस पर बैंक शुल्क को समाप्त करने की  आज रिजर्व बैंक की घोषणा का स्वागत किया है। यह आरबीआई का एक प्रगतिशील कदम है जो व्यवसाय समुदाय द्वारा डिजिटल भुगतान के अधिक उपयोग को प्रोत्साहित करेगा। कैट के मध्यप्रदेष के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र जैन ने कहा, इस कदम से उद्योग और अन्य क्षेत्रों के साथ देश में लगभग २.५ करोड़ व्यापारियों को लाभ होगा।
कैट के मध्यप्रदेष अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र जैन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को पूरा करने के लिए, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भुगतान पर लगाए गए बैंक शुल्क को भी समाप्त करना चाहिए जिससे न केवल व्यापारियों को प्रोत्साहन मिलेगा बल्कि आम लोगों को भी डिजिटल भुगतान अपनाने, स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा एवं दैनिक दिनचर्या में कार्ड भुगतान का स्वतंत्र रूप से उपयोग हो सकेगा। यह देश में नकदी को बड़े स्तर पर खत्म कर देगा और समानांतर अर्थव्यवस्था पर भी अंकुश लगाएगा। उन्होंने सुझाव दिया है कि सरकार को कार्ड से भुगतान पर बैंक शुल्क सीधे बैंकों को देना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि सरकार को डिजिटल भुगतान को अपनाने पर कुछ प्रकार के प्रोत्साहनों की भी घोषणा करनी चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोग डिजिटल भुगतानों को अपनाएं और स्वीकार करें। श्री भूपेन्द्र जैन ने पीओएस मशीनों पर आयात शुल्क माफ करने का भी सुझाव दिया ताकि लोग सस्ती कीमत पर समान आयात कर सकें। कैट इस बारे में जल्द ही वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण और वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल को एक श्वेत पत्र सौंपेगा।