जबलपुर। नगर निगम का बजट पेश होने के बाद सोमवार को हुई सदन की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी पार्षद तो हमलावर हुए ही साथ में सत्तापक्ष के पार्षदों ने भी बजट पर नाराजगी जताई। पार्षदों ने आरोप लगाया कि पिछले वित्तीय वर्ष में पार्षद मद की राशि का भगुतान नहीं किया गया है, जिससे विकास कार्य ठप पड़े हैं। गौरतबल है कि इसी वर्ष नगर निगम के चुनाव होने हैं, जिसके चलते सत्तापक्ष के पार्षद भी विकास कार्य नहीं होने से नाराज हैं।
सोमवार को सत्तापक्ष के पार्षदों ने ही विरोध शुरू कर दिया। भाजपा पार्षद रिंकू बिज ने कहा कि पार्षद में के ६५ लाख रुपए में से एक रुपए भी उनके वार्ड में अभी तक खर्च नहीं हुए हैं। अब वे अगले चुनाव में जनता से क्या कहेंगे। उन्होंने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप भी लगाया। वहीं एमआईसी मेंबर दुर्गा उपाध्याय ने कहा कि उनके क्षेत्र में एक नाला है। बारिश के दौरान नाले में लोग बह जाते हैं। कई मौतें हो चुकी हैं। इस नाले को बनवाने के लिए उन्होंने कमिश्नर से बात की थी, लेकिन नाला नहीं बना है। उपाध्याय ने कहा कि यदि इस साल भी नाले में कोई हादसा होता है तो इसके लिए पूर्ण रूप से अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
मेयर स्वाती गोडबोले ने जताई नाराजगी ..........
पार्षद मद का भुगतान नहीं होने पर मेयर स्वाती गोडबोले ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने तत्काल अधिकारियों को फटकार लगाई और कहा कि एक घंटे के अंदर उन्हें वह लिस्ट उपलब्ध कराई जाए कि किस वार्ड में पार्षद मद से कितना काम किया गया है। पार्षद मद का भगुतान नहीं होने पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी हुई। सदन की कार्रवाई के दौरान कई बार हंगामे की स्थिति भी हुई।
यह है इस बार के बजट में .........
महापौर स्वाति गोडबोले ने जबलपुर नगर निगम में १२ अरब ९९ करोड़ ४९ लाख ४४३८५ का अनुमानित बजट पेश किया। २०१९-२०२० के इस अनुमातिन बजट को शहर की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। बजट में इस बार टैक्स से निगम का खजाना भरने की जगह दूसरे तरीके से आय बढ़ाने के विकल्प शामिल किए गए हैं। अनुमानित बजट में आय बढ़ाने के लिए प्राइम लोकेशन पर खाली पड़ी निगम की जमीनों में रहवासी भवन, कमर्शियल काम्पलेक्स बनाना शामिल किया गया है। जबकि नागरिक सुविधाओं को बेहतर किए जाने पर जोर दिया गया है।
ये भी रहे मुद्दे .........
- वार्डों में विकास कार्य नहीं होना
- वार्डों में पानी की किल्लत से परेशानी
- बारिश के समय नालों से परेशानी
- जलप्लावन से ग्रसित कॉलोनियों की परेशानी
- पार्षद मद की राशि का भगुतान नहीं किया गया