बिलासपुर । जनहित के कार्यों को प्राथमिकता के साथ समय-सीमा में निपटारा करें। प्रयास करें कि किसी भी हालत में अनावश्यक विलंब न हो। संभागायुक्त टी.सी.महावर ने आज लोकसेवा गारंटी अधिनियम के तहत अधिसूचित सेवाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को उक्त निर्देश दिये। संभागायुक्त श्री महावर ने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जनहित से जुड़े अनेकों सेवाओं के निपटारा के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। ऐसे प्रकरणों के निपटारा के गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दें। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन के प्राथमिकता वाले नरवा, घुरूवा, गरूवा और बाड़ी योजना की भी समीक्षा करते हुए कहा कि लक्ष्य के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करें। कृषि विभाग वर्मी कम्पोस्ट एवं नाडेप टांके के कार्यों को बढ़ाएं। इसी तरह उद्यानिकी विभाग परम्परागत बाड़ी की सुदृढ़ीकरण के साथ ही नई बाडिय़ों का चयन कर प्रस्ताव भेंजे। किसानों को सब्जी मिनीकिट, पानी की उपलब्धता एवं भूमि समतलीकरण हेतु भी कार्ययोजना बनाकर कार्यवाही करें। उन्होंने वन अधिकार मान्यता पत्रों के निराकरण के लिए भी विशेष जोर देते हुए कहा कि इसमें अपेक्षानुरूप प्रगति लाएं। ताकि वनक्षेत्रों में निवासरत जरूरतमंद लोगों को लाभ मिल सके। क्षेत्र में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिये किये जा रहे कार्यों की जानकारी लेते हुए निर्देशित किया गया कि पुराने अधूरी योजनाओं एवं नये योजनाओं को सयम पर पूर्ण करने, नहर लाइनिंग के कार्यों पर विशेष ध्यान दें। जिससे कि क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ा सके। कमिश्नर ने नदी किनारे के अतिक्रमण हटाने के साथ ही नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिये नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने वृक्षारोपण के संबंध में कहा कि बरगद, पीपल, आम, जामुन, नीम जैसे फलदार एवं छायादार पौधों को लगाने का प्रयास करें। संभागायुक्त ने फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने, क्षेत्र में स्थापित हैण्डपम्प एवं नलजल योजना के रखरखाव, भू-जलस्तर को बढ़ाने, जेनेटिक दवाओं की उपलब्धता, पहुंचविहीन केन्द्रों में बरसात के पहले खाद्यान्न भंडारण, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन एवं आपदा प्रबंधन के अनुरूप तैयारी करने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये। बैठक में उपायुक्त राजस्व एवं विकास, वन संरक्षक, सिंचाई, लोक निर्माण, कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, उद्योग एवं व्यापार केन्द्र सहित संबंधित संभागीय अधिकारी उपस्थित थे।