बीजेपी और एनडीए के संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद नरेंद्र मोदीने अपने संबोधन में अपने  नेताओं को नसीहत दी कि मीडिया में चल रही अटकलबाजियों पर मत जाएं। मोदी ने कहा कि मंत्री पद का दायित्व कम ही लोगों को दिया जा सकता है। उन्होंने नेताओं को अहंकार से बचने की भी सीख दी। मोदी ने नवनिर्वाचित नेताओं को खुद को जनता और पार्टी से कभी भी ऊपर नहीं समझने की भी नसीहत दी। उन्होंने कहा, 'हमारे भीतर का कार्यकर्ता जिंदा रहना चाहिए। थोड़ा सा भी अहंकार नहीं रहना चाहिए। अहंकार को जितना हम दूर रख सकते हैं, रखना चाहिए। कभी-कभी तो हम जब समूह में होते हैं तो कहते हैं पार्टी ने जिता दिया लेकिन बाद में अहंकार आ जाता है कि हमने इतनी मेहनत की तो जीतना ही था।'