नई दिल्ली । फेसबुक अगले वर्ष अपनी क्रिप्टोकरंसी लाने को लेकर अमेरिका और ब्रिटेन के फाइनैंशल रेग्युलेटर्स के साथ बातचीत कर रहा है। सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म उपलब्ध कराने वाली यह कंपनी अपनी क्रिप्टोकरंसी ग्लोबलकॉइन के नाम से लॉन्च करने वाली है। बीबीसी ने खबर दी है कि ग्लोबलकॉइन करीब एक दर्जन देशों में नए डिजिटल पेमेंट्स सिस्टम पर काम करेगी। साल 2020 की पहली तिमाही में इसे बाजार में उतारा जा सकता है। इसे लेकर पहले भी खबरें आ चुकी हैं जिनमें कहा गया था कि फेसबुक प्रोजेक्ट लिब्रा के तहत अपनी ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर गंभीरता से काम कर रही है। कंपनी फर्जीवाड़ों के शिकार अपने कई यूजर्स को आश्वस्त करने के लिए क्रिप्टोकरंसी से संबंधित निजता के मसले को भी गंभीरता से लिया है। फेसबुक ने बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर मार्क कार्नी और यूएस ट्रेजरी के अधिकारियों से बातचीत कर चुका है। ब्लूमबर्ग और वॉल स्ट्रीट जर्नल समेत कई मीडिया संस्थानों ने पहले खबर दी थी कि फेसबुक की ग्लोबलकॉइन एक स्थिर मुद्रा होगी जो डॉलर की डिजिटल यूनिट के रूप में काम करेगी, न कि बिटकॉइन जैसे किसी वर्चुअल पेमेंट का कोई अराजकतावादी जरिया। वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम भी फेसबुक के ही प्लैटफॉम्र्स हैं। फेसबुक के पास अपने यूजर्स समेत इन दोनों प्लैटफॉर्म्स के दुनियाभर में फैले 2 अरब से ज्यादा यूजर्स का बड़ा आधार है। इस वजह से ग्लोबलकॉइन को मुख्य धारा की करंसी बनने की उम्मीद जताई जा रही है।