भाजपा के राष्ट्रवाद की लहर पर सवार मतदाताओं ने जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टीकरण की राजनीति को ध्वस्त कर दिया।भाजपा की इस सुनामी में 12 पूर्व मुख्यमंत्री अपनी पार्टी को जिताना तो दूर खुद अपनी ही सीट नहीं बचा पाए। इन पूर्व मुख्यमंत्रियों के नाम शीला दीक्षित, भूपेंद्र हुड्डा, हरीश रावत, मुकुल संगमा, एचडी देवगौड़ा, शिबू सोरेन, बाबूलाल मरांडी, दिग्विजय सिंह, नबाम तुकी, अशोक चव्हाण, सुशील शिंदे और जीतन राम मांझी हैं। 

कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित दिल्ली की उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से लोकसभा चुनाव लड़ी थीं। उनके सामने भाजपा के मनोज तिवारी थे। यहां शीला को करारी हार का सामना करना पड़ा। तिवारी ने उनको करीब 3.63 लाख वोटों से हरा दिया। पूर्व प्रधानमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज नेता एचडी देवगौड़ा अपनी सीट बचाने में असफल रहे। तुमकुर लोकसभा सीट से भाजापा के जेएस बासवराज ने उन्हें 13339 वोटों से हरा दिया। 

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा को हार का मुंह देखना पड़ा। हुड्डा सोनीपत लोकसभा सीट से चुनाव लड़े थे। भाजपा प्रत्याशी रमेशचंद्र कौशिक ने उन्हें करीब डेढ़ लाख वोटों से हरा दिया। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह को करारी हार का सामना करना पड़ा। भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने उन्हें हरा दिया। प्रज्ञा को 866482 और दिग्विजय को 501660 मत मिले।उत्तराखंड की सबसे हॉट सीट नैनीताल पर दो बड़े नेताओं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व सीएम हरीश रावत की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। अजय भट्ट ने रावत को तीन लाख से अधिक वोटों से हरा दिया। 

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता मुकुल संगमा भी अपनी सीट नहीं बचा पाए। संगमा तुरा लोकसभा से चुनाव लड़े थे। इस सीट से नेशनल पीपुल्स पार्टी की अगाथा संगमा ने मुकुल को हराया। उन्हें करीब 60 हजार वोटों से हार का मुंह देखना पड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता शिबू सोरेन भी अपनी सीट हार गए। वो दुमका से चुनाव लड़े थे। सोरेन को भाजपा प्रत्याशी सुनील सोरेन ने चुनाव हरा दिया। शिबु को 437333 वोट और सुनील को 484923 मिले।झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को कोडरमा लोकसभा सीट से चुनाव हार गए। मरांडी को भाजपा नेता अन्नपूर्णा देवी ने शिकस्त दी। अन्नपूर्णा को 753016 वोट और मरांडी को 297416 वोट मिले। 

पूर्व सीएम और नांदेड़ से कांग्रेस प्रत्याशी अशोक चव्हाण भी चुनाव हार गए। यह क्षेत्र अशोक चव्हाण का गृहक्षेत्र और कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। यहां से भाजपा के चिखलीकर प्रताप गोविंदराव की जीत हुई है। प्रतापराव पाटिल ने उनको 40148 वोटों से हराया। अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी अपनी सीट बचाने में नाकाम रहे। अरुणाचल वेस्ट सीट से भाजपा के किरेन रिजिजु ने नबाम तुकी को 1 लाख 40 हजार से ज्यादा मतों के अंतर से हराया।महाराष्ट्र के सोलापुर से पूर्व गृह मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे चुनाव हार गए। सुशील शिंदे को भाजपा प्रत्याशी जय सिद्धेश्वर एस महास्वामीजी ने 158608 वोटों से हराया।

बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी को भी हार के साथ संतुष्ट होना पड़ा। बिहार की गया लोकसभा सीट से जदयु प्रत्याशी विजय कुमार ने उन्हें डेढ़ लाख से ज्यादा  वोटों के अंतर से हरा दिया।