नई दिल्ली । दूध सेहत के लिए बेहद लाभदायक है और इसका सेवन बच्चों के लिए जरुरी है पर आजकल बाजार में कई खाने की वस्तुएं मिलती नकली हैं, जो सीधा हमारी सेहत पर असर डालती हैं। खासकर इन दिनों बाजार में बिकने वाला दूध भी निकली आ रहा, जिससे शरीर में कई सारी परेशानियां हो सकती है। डॉक्टरों के अनुसार करीब दो साल तक लगातार मिलावटी दूध पीते रहने पर लोग पेट की बिमारियों से पीड़ित हो जाते हैं। नकली दूध से आंत, लिवर या किडनी खराब होने की आशंकाएं रहती हैं। 
भारतीय खाद्य संरक्षण एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के हालिया अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि भारत में बिकने वाला करीब 10 प्रतिशत दूध हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।  इस 10 प्रतिशत में 40 प्रतिशत मात्रा पैकेज्ड मिल्क की है जो हमारे हर दिन के भोजन में इस्तेमाल में आता है।  
इसलिए दूध लेते समय सावधान रहें और इस प्रकार नकली दूध की पहचान करें। 
असली दूध स्टोर करने पर अपना रंग नहीं बदलता, नकली दूध कुछ वक्त के बाद ही पीला पड़ने लगता है।
अगर असली दूध में यूरिया भी हो तो ये हल्के पीले रंग का ही होता है। वहीं अगर सिंथेटिक दूध में यूरिया मिलाया जाए तो ये गाढ़े पीले रंग का दिखने लगता है। असली दूध को हाथों के बीच रगड़ने पर कोई चिकनाहट महसूस नहीं होती। वहीं, नकली दूध को अगर आप अपने हाथों के बीच रगड़ेंगे तो आपको डिटर्जेंट जैसी चिकनाहट महसूस होगी।