क्रोएशिया के इगोर स्टिमाच भारतीय फुटबॉल टीम के नये मुख्य कोच बने हैं। स्टिमाच का कार्यकाल दो साल को होगा। भारतीय फुटबॉल संघ (एआईएफएफ) की कार्यकारी समिति ने स्टिमाच की नियुक्ति की। कोच स्टीफन कोंस्टेंटाइन के इस्तीफे के बाद से ही भारतीय टीम के लिए नये कोच की तलाश की जा रही थी। भारतीय टीम उनके मार्गदर्शन में थाईलैंड में पांच जून से किंग्स कप खेलेगी। 
स्टिमाच क्रोएशिया की 1998 विश्व कप टीम के सदस्य थे। उन्हें कोचिंग, फुटबॉल विकास और ढांचा तैयार करने का 18 साल का अनुभव है। स्टिमाच ने बतौर कोच क्रोएशिया को 2014 फीफा विश्व कप के लिए क्वालीफाई कराया था। वह क्रोएशिया के लिए 53 मैच खेल चुके हैं। वह 1996 यूरो चैम्पियनशिप खेलने वाली क्रोएशियाई टीम में थे। इसके अलावा यूगोस्लाविया की अंडर-19 टीम का हिस्सा थे जिसने 1987 में फीफा अंडर 20 विश्व कप जीता था।
एआईएफएफ अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने उनका स्वागत करते हुए कहा- इयोग टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प है। मैं उनका स्वागत करता हूं। भारतीय फुटबॉल बदलाव के दौर से गुजर रही है और मुझे भरोसा है कि उनका अनुभव टीम को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। तकनीकी समिति के प्रमुख श्याम थापा ने कहा-तकनीकी समिति के सभी सदस्य और एआईएफएफ के तकनीकी निदेशक इसाक डोरू स्टिमाच से काफी प्रभावित थे। वह विश्व कप खेल चुके हैं और कोच के तौर पर भी क्रोएशिया को विश्व कप तक ले गए। भारतीय फुटबाल की भी उन्हें गहरी जानकारी है। 
स्टिमैक को कोच बनाए जाने से उत्साहित हैं छेत्री
भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री ने स्टिमैक को मुख्य कोच बनाये जाने पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे टीम को फायदा होगा। छेत्री ने स्टिमैक की नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा कि विश्व कप खेल चुके स्टिमैक के अनुभवों का लाभ टीम को मिलेगा। इससे पहले भारतीय फुटबॉल संघ ने स्टिमैक को भारतीय टीम का मुख्य कोच बनाये जाने की घोषणा की। स्टिमैक को कोच के रुप में 18 साल का अनुभव है। छेत्री ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘‘मैं नये कोच स्टिमैक का राष्ट्रीय टीम का कोच नियुक्त किये जाने पर स्वागत करता हूं। उन्हें अपार अनुभव है और उन्होंने खेल में शीर्ष स्तरों पर कोचिंग दी है। हम इसका फायदा उठाकर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।’’ छेत्री के अलावा कई अन्य दिग्गज खिलाड़ियों और खेल संघों का भी मानना है कि इस कदम में भारतीय फुटबॉल और आगे जाएगा।