पटना । जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि 23 मई को चुनाव परिणाम आने के बाद नीतीश कुमार सरीखे कुछ नेताओं की मदद से केंद्र में गैर बीजेपी सरकार बनाई जा सकती है।

गुलाम नबी आजाद के मुताबिक बिहार के सीएम नीतीश कुमार गैर बीजेपी सरकार बनाने में अहम रोल अदा कर सकते हैं। गुलाम नबी आजाद ने यह बयान बुधवार को पटना में मीडिया से मुखातिब होते हुए दिया था।

बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 के सातवें चरण का मतदान अभी खत्म भी नहीं हुआ है, लेकिन राजनीतिक दलों के सुरमाओं ने अभी से ही अगली सरकार बनाने और बिगाड़ने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है, ये उसी की बानगी है। खासतौर पर विपक्षी पार्टियों के नेताओं में केंद्र की अगली सरकार बनाने को लेकर कुछ ज्यादा ही उत्सुकता नजर आ रही है।

पिछले दो-तीन दिनों में विपक्षी दलों के कई बड़े नेताओं के बयान सामने आए हैं और सभी नेताओं के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खा रहे हैं। तेलांगना के सीएम चंद्रशेखर राव ने कहा है कि वह माइनस राहुल गांधी कांग्रेस नेतृत्व स्वीकारने को तैयार हैं।

चो वहीं एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार कहते हैं, 'अगर राष्ट्रपति बीजेपी को सरकार बनाने के लिए बुलाते भी हैं तो वह सदन में अपना बहुमत सिद्ध नहीं कर सकेगी। मोदी सरकार का भी हश्र वही होगा, जो 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी की 13 दिन की सरकार का हुआ था।

 उन्होंने कहा कि ऐसा माना जाता है कि नीतीश कुमार काफी सोच-समझ कर एनडीए में दोबारा आए हैं। पिछले कुछ महीनों में पीएम मोदी और नीतीश कुमार के बीच केमेस्ट्री भी ठीक है। जानकारों का मानना है कि दूर-दूर तक फिलहाल दिखाई नहीं दे रहा है कि नीतीश कुमार, एनडीए का साथ छोड़ेंगे।

बता दें कि बुधवार को गुलाम नबी आजाद ने पटना में कहा कि नीतीश कुमार कुछ मजबूरी के कारण एनडीए में गए. नीतीश कुमार जैसे कुछ और लोग भी हैं, जिनकी विचारधारा बीजेपी से नहीं मिलती है। गुलाम के मुताबिक, 'कुछ लोग या सत्ता पाने या फिर किसी मजबूरी के कारण बीजेपी के साथ हैं।शायद इन दोनों कारणों में से कोई एक कारण है जो नीतीश कुमार सरीखे नेताओं को बीजेपी से जोड़े रखा है. अगर दूसरी पार्टियां भी इन जरूरतों को पूरा करती है तो उन पार्टयों को स्थान बदलने में दिक्कत नहीं आएगी।'

आजाद ने आगे कहा, ‘सातवें चरण के मतदान के लिए कुछ ही दिन बचे हैं। मैं पूरे देश में अपने चुनाव प्रचार के अनुभव के आधार पर कह सकता हूं कि नरेंद्र मोदी दोबारा से पीएम नहीं बनने जा रहे हैं।