बिलासपुर । रेलवे स्टेशन में इन दिनों भीषण गर्मी में लोगों न तो पीने को वाटर कूलर से ठंडा पानी मिल रहा है और न ही सस्ता जनता खाना।वेंडरों मनमानी इतनी की कभी वाटर कूलर को बंद कर देते है। तो वही जनता खाना मांगने पर केवल ११ बजे तक ही उपलब्ध होने का हवाला भी देते है। वही अधिकारी पूरे समय जनता खाना व ठंडा पानी होने के खोखले दावे करते नहीं थकते। लेकिन सच्चाई तो यही है लोग स्टेशन में ठंडा पानी न मिलने से परेशान हो रहे है। शहर का पारा ४५ के आसपास है। स्टेशन में लगे टीन शेड के नीचे बैठे यात्रियों का कहना है कि उन्हें  पंखे से थोड़ी राहत तो मिल रही है।लेकिन पीने को ठंडा पानी नहीं मिल रहा है। यह समस्या प्लेटफॉर्म नं.१ से पांच तक बनी हुई है। लेकिन रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियो ंको इसकी भनक तक नहीं है।रविवार को दोपहर १२.३० बजे भी स्टेशन में लोग ठंडा पानी खोज रहे थे।लेकिन उन्हें ठंडा पानी नहीं मिला तो आखिर में वेंडिंग कूलिंग मशीन से पानी खरीद कर अपनी प्यास बुझानी पड़ी। कुछ यात्रियों ने कहाकि स्टेशन में अक्सर सुनने को मिलता है कि वेंडर ही कूलिंग मशीन को बंद या खराब कर देते है इसके चलते नलों से गर्म पानी की आता है। 
वेंडर कहते११ बजे तक मिलता है जनता खाना 
स्टेशन में यात्रियों को कम दर पर बढिय़ा खाना मुहैया करने के लिए पूर्व महाप्रबंधक ने जनता खाना की सुविधा शुरु करवाई थी। लेकिन अब यह व्यवस्था चरमरा गई है। यात्री अगर स्टेशन में स्टाल पहुंच कर जनता खाना की मांग करते हैं तो उन्हें यह कह कर लौटा दिया जाता है कि खाना नहीं है। ज्यादा हुआ तो सुबह ११ बजे तक ही जनता खाना उपलब्ध होने का हवाला देकर वेंडर हाथ खड़े कर देते हैं।  इसकी जानकारी जब स्टेशन में मौजूद अधिकारी से ली गई तो उन्होंने कहा जनता खाना उपलब्ध है। कोई मना नहीं कर सकता । मना किया गया है तो इसके जवाब में कहने लगे गर्मी का सीजन है खाना खराब हो जाता होगा, शायद इस कारण नहीं होगा लेकिन डिमांड करने पर बना कर दिया जाता है। जब पूछा गया ऐसा नहीं हो रहा है क्या कार्रवाई होगी तो वह गोलमोल जवाब देने लगे। 
औचक चेकिंग के लिए रखते है एक पैकेट खाना
रेलवे स्टेशन में कभी भी अधिकारियों का निरीक्षण हो जाता है। निरीक्षण से बचने के लिए हर स्टाल संचालक एक-दो पैकेट जनता खाना बचा कर रखता है। वह भी सिर्पâ इस कारण की जांच के दौरान अधिकारी की आंख में धूल झोंकी जा सके। क्योंकि निरीक्षण के दौरान अगर खाना नहीं मिलता है तो अधिकारी जुर्माना काट देते हैं।