इन्दौर। ए.बी. रोड, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के पास स्थित श्रीश्री माता आनंदमयी पीठ पर आयोजित पांच दिवसीय मातृ जन्म महोत्सव के दौरान न केवल मालवा और मध्यप्रदेश, बल्कि देश के विभिन्न शहरों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इंदौर आएंगे। इस दौरान प्रतिदिन सुबह 8 से 10 बजे तक विशिष्ट पूजा-अर्चना एवं अभिषेक के बाद 10.30 बजे से और संध्या को 4.30 से सांय 7 बजे तक देश के जाने-माने संत-विद्वानों के प्रवचनों की अमृत वर्षा भी होगी। महोत्सव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
पीठ के अध्यक्ष स्वामी केदारनाथ महाराज, ट्रस्ट के सचिव अशोक बवेजा एवं जेपी फड़िया  ने बताया कि 18 मई से 22 मई तक होने वाले महोत्सव में इस बार आदर्श महामंडलेश्वर स्वामी विरागानंद, स्वामी मुदितवदनानंद, स्वामी सर्वचैतन्य, स्वामी दिव्यानंद एवं स्वामी असंगानंद सहित अनेक विद्वान संत-महापुरूष शामिल होकर ब्रम्हलीन सदगुरू स्वामी अवधूत भगवान परमहंस देव की दैवीय अध्यक्षता में अपने प्रवचनों की अमृत वर्षा करेंगे। श्रीश्री आनंदमयी मां के 123 वें जन्म महोत्सव के प्रसंग पर यह महोत्सव हो रहा है। महोत्सव का शुभारंभ बैसाख पूर्णिमा शनिवार को सुबह 5.30 बजे से महामंत्र संकीर्तन, परिक्रमा एवं मंगला आरती के साथ होगा। सुबह 6.15 बजे से ध्यान, 8 से 10 बजे तक त्रिपुरा सिद्धेश्वरी काली की अभिषेक-पूजा एवं आरती तथा सुबह 10.30 से मातृवाणी पाठ एवं संतों के प्रवचन होंगे। दोपहर के सत्र में अपरान्ह 5.30 से सांय 7 बजे तक सत्संग तथा सांय 7.30 बजे से आरती एवं संकीर्तन के बाद 8.45 से 9 बजे तक मौन के कार्यक्रम होंगे। रविवार 1़9 मई को सुबह 8 से 10 बजे तक राजराजेश्वर शालीग्राम-श्रीकृष्ण अभिषेक, सोमवार 20 मई को सुबह 8 से 10 तक अमरनाथ, ओंकारेश्वर महादेव रूद्राभिषेक पूजा एवं आरती, मंगलवार 21 मई को सुबह 8 से 10 तक वैष्णोदेवी, हनुमानजी एवं भैरवजी के अभिषेक-पूजा आरती के कार्यक्रम होंगे। बुधवार 22 मई को मातृ जन्मदिवस का मुख्य महोत्सव भगवान श्री पूर्णब्रम्हनारायण के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन सुबह 3 से 5 तक भगवान पूर्णब्रम्हनारायण का अभिषेक एवं पूजा-आरती, सुबह 5 से 7 तक विष्णु सहस्त्रनामार्चन एवं ललिता सहस्त्रनामार्चन, 8 से 10 बजे तक हवन एवं कुमारी पूजा, 10 से 11 तक मातृ चालीसा एवं महाआरती तथा 11 से 12 बजे तक संत सम्मेलन में आशीर्वचन के बाद महाप्रसाद के साथ महोत्सव का समापन होगा। 18 मई से से 22 मई तक प्रतिदिन सुबह 8 से 10 बजे तक अलग-अलग देवी-देवताओं के अभिषेक पूजन होंगे तथा शेष सभी कार्यक्रम पहले दिन की तरह ही पूर्व निर्धारित क्रम में समापन दिवस तक होंगे। पीठ के न्यासी मंडल के स्वामी ऐश्वर्यानंद, ठाकुर सुरेंद्र सिंह नीमखेड़ा, स्वामी पूर्णानंद, राजेंद्र कुमार शर्मा, मुकेश कचोलिया, संतोषकुमार सरवटे, राघवेंद्र सिंह एवं स्वामी रामगोपालदास ने धर्मप्रेमी बंधुओं से महोत्सव का पुण्य लाभ उठाने का आग्रह किया है।