नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र के इलाहाबाद बैंक ने सोमवार को विभिन्न अवधि के कर्ज पर ब्याज दर में 0.05 प्रतिशत कटौती की घोषणा की है. इलाहाबाद बैंक ने बंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में कहा है कि एक साल के कर्ज पर कोष की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर (MCLR) को 8.65 प्रतिशत से घटाकर 8.60 प्रतिशत कर दिया गया है. घटी दर 14 मई से प्रभावी होगी. बैंक के ज्यादातर कर्ज एक साल की इस दर के मुताबिक तय किये जाते हैं. आवास ऋण भी इसी दर से निर्देशित होते हैं. इस लिहाज से कर्ज की सीमांत लागत आधारित (एमसीएलआर) ब्याज दर एक माह, तीन माह और छह माह की ब्याज दर घटकर क्रमश: 8.20 प्रतिशत, 8.40 प्रतिशत और 8.45 प्रतिशत रह गयी. 

पिछले दिनों बैंक ने चौथी तिमाही की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया था. रिपोर्ट के मुताबिक इलाहाबाद बैंक को 2018-19 की चौथी तिमाही में 3,834.07 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है. इसकी वजह बैंक का फंसा कर्ज बढ़ना है. बैंक ने शु्क्रवार को यह जानकारी दी. बैंक को 2017-18 की जनवरी-मार्च तिमाही में 3,509.63 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था. बैंक ने शेयर बाजार को बताया कि समीक्षाधीन अवधि में उसकी कुल आय बढ़कर 4,602.86 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले की मार्च तिमाही में 4,259.37 करोड़ रुपये थी. पूरे वित्त वर्ष (अप्रैल-मार्च) 2018-19 में बैंक का शुद्ध घाटा बढ़कर 8,457.38 करोड़ रुपये रहा. 2017-18 में उसे 4,574.22 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था.

वहीं, बैंक की कुल आय 2017-18 में 19,487.51 करोड़ रुपये से घटकर 2018-19 में 18,806.38 करोड़ रुपये रह गई. मार्च 2019 तक बैंक का सकल एनपीए (गैर - निष्पादित परिसंपत्ति) बढ़कर सकल कर्ज के 17.55 प्रतिशत के बराबर था. मार्च 2018 के अंत में उसका सकल एनपीए 15.96 प्रतिशत पर था. हालांकि, इस दौरान शुद्ध एनपीए का स्तर घटकर 5.22 प्रतिशत पर रहा. एक साल पहले यह 8.04 प्रतिशत पर था.