भोपाल । यूजीसी द्वारा बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) को तीन नए कोर्स शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। बीयू के जेनेटिक्स विभाग में मॉलीकुलर बायोलॉजी और बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीयूआईटी) में कैमिस्ट्री और मैथामेटिक्स के नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। इनकी अनुमति मिल चुकी है। वहीं बीयूआईटी में ही एमटेक के चार कोर्स शुरू करने की भी मंजूरी मिल गई है। बीयू द्वारा नैक में अच्छी ग्रेडिंग लाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। जहां कुछ दिन पहले राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने बीयू के बीएड की मान्यता रद्द कर दी है। वहीं, बीयूआईटी की सीटें बचाना बीयू के लिए बड़ी चुनौती है। दरअसल, निर्धारित मापदंड पूरा नहीं करने पर ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने बीयूआईटी की 50 फीसदी सीटों पर कटौती कर दी थी। जिसे लेकर बीयू ने अपील की थी। इसके बाद एआईसीटीई ने बीयू को सशर्त 50 फीसदी सीटों पर प्रवेश की अनुमति दी है। वहीं एआईसीटीई ने चार एमटेक कोर्स की मंजूरी भी जारी कर दी है। बीयूआईटी में बीटेक की सभी ब्रांच का कोटा 270 सीटों का है। 
    अब एआईसीटीई ने कुछ शर्तें अगस्त तक पूरी करने के बाद बीयू की सीटों को यथावत कर दिया है। इसके आदेश बीयू को भेज दिए गए हैं। इससे बीयू तकनीकी शिक्षा विभाग की काउंसलिंग में शामिल होकर सभी सीटों पर प्रवेश करा पाएगा। लेकिन बीयू के सामने तीन माह में एआईसीटीई की शर्तों को पूरा करने की चुनौती है। वहीं बीयूआईटी में शिक्षकों के 91 पद स्वीकृत हैं, लेकिन अभी वर्तमान में जो शिक्षक पदस्थ हैं, वह भी संविदा पर कार्यरत हैं। वहीं कुलपति प्रो. आरजे राव आचार संहिता के बाद नियमित शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। ऐसे में नए कोर्स शुरू करने से विभाग किस तरह से शिक्षण व्यवस्था करेगा यह बड़ी चुनौती है। इस बारे में बीयूआईटी के डायरेक्टर नीरज गौर का कहना है कि इंजीनियरिंग में रिसर्च एक्टिविटी बढ़ेगी। रिसर्च प्रोजेक्ट की अनुमति मिलेगी। इससे सरकारी प्रोजेक्ट भी मिलेंगे। विद्यार्थियों को विवि से ही विभिन्न कोर्सों में एमटेक करने की सुविधा मिलेगी। इस संबंध में बीयू के कुलपति प्रो आरजे राव का कहना है कि बीयूआईटी में छह नए कोर्स शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। जहां तक शिक्षकों की कमी है तो इसकी मांग की गई है। आचार संहिता खत्म होने के बाद भर्ती की जाएगी।