भोपाल  : लोकसभा चुनाव 2019 के छठे चरण में सात राज्यों की 59 सीटों पर मतदान शुरू हो चुके हैं. जिसमें मध्य प्रदेश की भी 8 सीटों में मतदान शुरू हो चुके हैं. प्रदेश के तीसरे चरण के चुनाव में कुल 138 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके लिए प्रदेश के 1 करोड़ 44 लाख से अधिक मतदाता वोट करेंगे. इन सभी आठ सीटों पर मतदान के लिए कुल 18 हजार 141 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से कईयों में ईवीएम मशीन में खराबी की भी खबरें आने लगी हैं. दतिया के बग्गिखाना मतदान क्रमांक 150 में ईवीएम मशीन में खराबी के कारण अभी तक मतदान शुरू नहीं हो सका है, जिसके चलते लाइन में लगकर लोग मशीन के ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं. वहीं राष्ट्रपति के बड़े भाई राम स्वरूप भारती ने अपने बेटे करण के गुना के हनुमान कॉलोनी पोलिंग बूथ पर वोट डाला.

मध्य प्रदेश की विदिशा लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी शैलेद्र पटेल ने किया मतदान. शैलेंद्र पटेल ने धर्मपत्नी प्रज्ञा पटेल और परिवार सहित गांव अलारामजीपूरा पोलिंग बूथ क्रमांक 158 पर अपने मताधिकार का उपयोग किया. अपने मतदान केंद्र पर सबसे पहला वोट आमलारामजीपुरा में कांग्रेस प्रत्याशी शैलेंद्र पटेल और उनकी धर्मपत्नी प्रज्ञा ठाकुर ने डाला.

दतिया के अलावा डुमरियागंज लोकसभा में बूथ संख्या, 24, 31, 45, 46 सहित करीब 2 दर्जन evm खराब हो गई हैं. इसके अलावा विधानसभा कपिलवस्तु में 458, 456, 251, 217, 278, 395, 502, 229, इटावा में 299, 313, 314 और बासी में बूथ संख्या 230 की ईवीएम खराब है.

तीसरे चरण के चुनाव में मध्य प्रदेश की हाई प्रोफाइल सीट भोपाल के अलावा विदिशा, गुना, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, सागर और राजगढ़ लोकसभा सीट पर चुनाव होने हैं, जिनमें कुल 18 जिले आते हैं और 64 विधानसभा सीट आती हैं. प्रदेश में सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो चुकी है, जो कि शाम 6 बजे तक चलेगी. प्रदेश में मतदान के दौरान किसी तरह की अनहोनी से बचने के लिए 4 हजार 24 संवेदनशील मतदान केंद्रों में सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था भी की गई है. जिसके लिए हजारों पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.

इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे के जरिए भी मतदान केंद्रों के आस-पास नजर रखी जा रही है. जिन क्षेत्रों में गड़बड़ी की आशंका है, वहां वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है. ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके. इसके अलावा गर्मी को ध्यान में रखते हुए पोलिंग बूथ के आस-पास पानी और छांव की भी व्यवस्था की गई है. ताकि समय-समय पर लोगों को पानी मिल सके और थकान महसूस होने पर वह छांव में जाकर बैठ सकें. वहीं दिव्यांगों के लिए विशेष मतदान केंद्र भी बनाए गए हैं.